इंदौर पेयजल मामला: सांसद के खिलाफ ‘आपत्तिजनक रील’ बनाने पर ‘इन्फ्लुएंसर’ पर मामला दर्ज
इंदौर पेयजल मामला: सांसद के खिलाफ ‘आपत्तिजनक रील’ बनाने पर ‘इन्फ्लुएंसर’ पर मामला दर्ज
इंदौर (मप्र), दो फरवरी (भाषा) इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के मामले में स्थानीय लोकसभा सदस्य शंकर लालवानी के खिलाफ इंस्टाग्राम की एक रील में कथित रूप से आपत्तिजनक और असत्य टिप्पणी करने के कारण एक ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर’ पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने संवाददाताओं को बताया कि सांसद के प्रतिनिधि विशाल गिदवानी की शिकायत पर अपराध निरोधक शाखा में जतिन नामक ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर’ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 (किसी लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किया गया आदेश नहीं मानना) और धारा 352 (किसी व्यक्ति द्वारा शांति भंग करने के इरादे से अपशब्दों का जान-बूझकर इस्तेमाल करना) के तहत दर्ज किया गया है।
दंडोतिया ने बताया,‘‘जतिन की आपत्तिजनक रील सोशल मीडिया पर फैल गई है। इसमें उसने सांसद के खिलाफ आपत्तिजनक, असत्य और भ्रामक टिप्पणियां की हैं।’’
उन्होंने बताया कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने पर कानूनी रोक लगा रखी है और ‘इन्फ्लुएंसर’ ने इस आदेश का उल्लंघन किया है।
प्राथमिकी में कहा गया है कि जतिन ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के संबंध में लालवानी पर एक रील में ‘निराधार आरोप’ लगाए हैं। प्राथमिकी के मुताबिक रील में कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग करते हुए झूठा दावा भी किया है कि इन मौतों के बाद ‘इन्फ्लुएंसर’ इंदौर आया था और उसकी शहर में सांसद के साथ मुलाकात हुई थी।
भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त का प्रकोप दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। कांग्रेस ने इस प्रकोप में अब तक 32 लोगों की मौत का दावा किया है।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में 27 जनवरी को राज्य सरकार की पेश ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में संभावना जताई गई थी कि भागीरथपुरा में 16 लोगों की मौत का संबंध इस इलाके में दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से हो सकता है।
उच्च न्यायालय ने दूषित पेयजल मामले की न्यायिक जांच के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता की अगुवाई में एक सदस्यीय आयोग गठित किया है।
भाषा हर्ष
राजकुमार
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