Indore Lokayukta Raid: इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार बड़ी कार्रवाई की है। महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की और उसकी व उसके परिजनों की करीब 9.50 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का खुलासा किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, ये संपत्तियां संबंधित अधिकारी के सरकारी वेतन से लगभग 2.5 करोड़ रुपये की आय के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा हैं।
पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि महिला और बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उन्होंने कथित भ्रष्टाचार के जरिये आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच के बाद एक मकान, एक जिम, एक डिपार्टमेंटल स्टोर और अन्य ठिकानों पर छापे मारे गए।
30 साल की नौकरी और करोड़ों की दौलत
Indore Lokayukta Raid पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, कंडवाल वर्ष 1996 से सरकारी सेवा में हैं और 30 साल के कार्यकाल में वेतन से उनकी कुल आय लगभग 2.5 करोड़ रुपये रही है। उन्होंने कहा, ‘‘छापों के दौरान अब तक कंडवाल और उनके परिजनों से संबद्ध लगभग 9.50 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां सामने आई हैं। सहाय ने बताया कि इन संपत्तियों में इंदौर में लगभग 13,500 वर्ग फुट के क्षेत्रफल में बना बहुमंजिला भवन और दो भूखंड शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि छापों (Indore Lokayukta Raid) में इंदौर के पास स्थित पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से लगे गांवों में 11 भूखंडों का भी पता चला है। सहाय ने बताया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आरोपी की संपत्ति का विस्तृत मूल्यांकन जारी है।