इंदौर त्रासदी: मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही बाधित

इंदौर त्रासदी: मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही बाधित

इंदौर त्रासदी: मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही बाधित
Modified Date: February 19, 2026 / 01:50 pm IST
Published Date: February 19, 2026 1:50 pm IST

भोपाल, 19 फरवरी (भाषा) देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में पिछले दिनों दूषित जल के कारण लोगों की मौत को लेकर मध्यप्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने विधानसभा में हंगामा किया और नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग की।

हंगामे और नारेबाजी के बीच सरकार ने सदन में स्वीकार किया कि इंदौर पेयजल त्रासदी मामले में अब तक 22 लोगों की मौत हुई है।

हंगामा और शोरगुल ना थमने के कारण विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

प्रश्नकाल के दौरान कुछ देर सदन सुचारू रूप से चला लेकिन जैसे ही इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित बीमारी से प्रकोप के कारण लोगों की मौत का सवाल आया और कांग्रेस के सदस्यों ने जिम्मेदार मंत्रियों ओर इंदौर के महापौर के इस्तीफे की मांग की, वैसे ही सदन का माहौल गरमा गया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे व्यवस्था की असफलता करार देते हुए विजयवर्गीय और शुक्ल के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित जल के कारण 35 लोगों की मौत हो गई और जिम्मेदार मंत्री सदन में बैठे हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘नैतिकता के आधार पर इन मंत्रियों को इस्तीफा दे देना चाहिए।’’

सिंघार ने मृतकों को दिए गए दो-दो लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी बताते हुए इसे कम से कम चार लाख रुपये करने की मांग की।

इसके साथ ही कांग्रेस के सदस्यों ने मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा और नारेबाजी शुरु कर दिया।

सदन में मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह मामला राजनीति से ऊपर है और इसमें पक्ष-विपक्ष नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी पाए गए एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित किया गया है और जहां तक बात मुआवजे की है तो सरकार इसमें पीछे नहीं हटेगी, इसे चार या पांच लाख भी किया जा सकता है।

इसके बावजूद कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा। लिहाजा, तोमर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में स्वीकार किया कि इंदौर जल त्रासदी मामले में 22 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि 21 दिसंबर 2025 से लेकर अब तक ‘एक्यूट डायरिया’ बीमारी के कारण कुल 22 मृत्यु की अधिकारिक पुष्टि हुई है।

शुक्ल ने बताया कि सभी मृतकों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। उन्होंने सदन को बताया कि इस प्रकरण में कुल 459 व्यक्ति अस्पताल में भर्ती किये गये तथा वर्तमान में कुछ मरीज उपचाराधीन हैं।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय में प्रस्तुत अपनी ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में बताया है कि दिसंबर 2025 में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण 16 लोगों की मौत हुई थी।

पहली बार के स्थगन के बाद जब दोबारा सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्य अध्यक्ष के आसन के निकट बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।

तोमर ने हंगामा कर रहे सदस्यों से बार-बार अपनी सीट पर चले जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया लेकिन इसके बावजूद हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

भाषा दिमो ब्रजेन्द्र मनीषा अमित

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