Indore BPCL Fraud News : फ्लीट कार्ड बना फ्रॉड कार्ड! पेट्रोल पंप मालिकों ने ऐसे लगाया पेट्रोलियम कंपनी को करोड़ों का फटका, पुलिस भी दंग
इंदौर के मांगलिया पेट्रोलियम डिपो में बीपीसीएल फ़्लीट कार्ड योजना के तकनीकी लूपहोल का फायदा उठाकर सात पेट्रोल पंप कारोबारियों ने 5 करोड़ 72 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। देशभर में इस घोटाले से 129 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय हानि सामने आई है।
- बीपीसीएल फ़्लीट कार्ड योजना में तकनीकी खामी का फायदा उठाकर करोड़ों की धोखाधड़ी की गई।
- इंदौर में सात पेट्रोल पंप कारोबारियों पर 5.72 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है।
- देशभर में 1093 लोगों ने इस योजना के जरिए 129 करोड़ से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया।
इंदौर: Indore BPCL Fraud News मध्य प्रदेश के इंदौर के क्षिप्रा थाना क्षेत्र स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के डिपो में फ़्लीट कार्ड योजना के तहत जारी कार्ड का दुरुपयोग कर पाँच करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। यह मामला तब सामने आया, जब देशभर में इस योजना के माध्यम से 1093 लोगों ने धोखाधड़ी करते हुए सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों को 129 करोड़ का चूना लगा दिया। मामला सामने आने के बाद क्षिप्रा थाना पुलिस ने इंदौर के सात पेट्रोल पंप व्यवसायियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
Indore News Today कैश की जरूरत कम करने के लिए जारी हुआ था कार्ड
दरअसल, इंदौर के क्षिप्रा थाने के अंतर्गत आने वाले मांगलिया पेट्रोलियम डिपो में बीपीसीएल यानी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़े प्रबंधक द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया कि ट्रांसपोर्टर्स और ड्राइवरों को कैश की जरूरत कम करने और सुरक्षित भुगतान के लिए यह कार्ड दिसंबर 2021 में जारी किए गए थे। कार्ड के जरिए डीजल-पेट्रोल भरवाने पर निर्धारित राशि सीधे कंपनी के बैंक खाते से डेबिट होनी थी। इस बीच सॉफ्टवेयर डेवलप करने वाली कंपनी के सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर पेट्रोल पंप मालिकों और ड्राइवरों ने भुगतान किए बिना ही ईंधन प्राप्त करना शुरू कर दिया।
Fleet Card Scam इंदौर में 5 करोड़ 72 लाख की धोखाधड़ी
जांच में यह भी सामने आया कि देशभर में हुए इस घोटाले के तहत इंदौर में ही 5 करोड़ 72 लाख की धोखाधड़ी की गई, जबकि देशभर में ऐसे 1093 लोग पकड़े गए, जिनके कारण कुल 129 करोड़ 55 लाख का घोटाला हुआ। बीपीसीएल की तकनीकी टीम ने अनियमितताओं का विश्लेषण कर पूरा मामला उजागर किया। इंदौर से जुड़े जिन लोगों पर आरोप पाए गए हैं, उनमें वाहिद, नारायण, बलवीर सिंह सहित कुल सात आरोपी शामिल हैं।
कई बार नोटिस के बाद भी नहीं किया भुगतान
सभी आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी कार्ड से ईंधन तो लेते थे, लेकिन बैंक खाते से राशि डेबिट नहीं होने देते थे। कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी वे भुगतान जमा नहीं करते थे। कंपनी ने मामले को गंभीर बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि क्या आरोपियों को इस तकनीकी लूपहोल की जानकारी किसी अंदरूनी स्रोत से मिली थी।
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