मेघ मेहरबान हुए तो इंदौर में सहेजा जा सकता है 6000 करोड़ लीटर वर्षा जल

मेघ मेहरबान हुए तो इंदौर में सहेजा जा सकता है 6000 करोड़ लीटर वर्षा जल

Modified Date: July 12, 2022 / 03:28 pm IST
Published Date: July 12, 2022 3:28 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 12 जुलाई (भाषा) देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में बारिश के पानी को सहेजने के लिए करीब 73,000 भवनों की छतों पर वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) तंत्र लगाया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

जल प्रबंधन के एक जानकार के मुताबिक शहर में अच्छी बारिश होने पर इस तंत्र के जरिये साल भर में कुल 6000 करोड़ लीटर पानी जमीन में जाने का अनुमान है।

अधिकारियों ने बताया कि इंदौर नगर निगम ने शहर में बारिश का पानी जन सहयोग से सहेजने का बीड़ा उठाया है और अब तक करीब 73,000 भवनों की छतों पर वर्षा जल संचयन तंत्र स्थापित किया गया है।

जल प्रबंधन विशेषज्ञ सुधींद्रमोहन शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,‘‘अगर शहर में साल भर में 40 इंच बारिश होती है, तो 73,000 भवनों की छतों पर लगे वर्षा जल संचयन तंत्र से कुल 6000 करोड़ लीटर जल जमीन में जा सकता है। जाहिर तौर पर इससे भू-जल स्तर में वृद्धि होगी।’’

उन्होंने हालांकि कहा कि इंदौर में वर्षा जल संचयन के साथ ही इसकी भी महती आवश्यकता है कि राज्य के सबसे ज्यादा आबादी वाले इस शहर में भू-जल का अंधाधुंध दोहन नहीं होने दिया जाए।

शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के नियम-कायदों के तहत शहर के सभी वाणिज्यिक नल कूपों पर फ्लो मीटर लगाए जाने चाहिए ताकि पता चल सके कि इनके जरिये जमीन से कितना पानी निकाला जा रहा है।

भाषा हर्ष धीरज

धीरज


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