Oriental College Ragging Case: सख्त कानून के बाद भी नहीं थम रहे रैगिंग के मामले, अब सिगरेट नहीं लाने पर जूनियरों को पीटा, जानिए क्या कहता है एंटी रैगिग कानून

Oriental College Ragging Case: सख्त कानून के बाद भी नहीं थम रहे रैगिंग के मामले, अब सिगरेट नहीं लाने पर जूनियरों को पीटा, जानिए क्या कहता है एंटी रैगिग कानून

  • Reported By: Anshul Mukati

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 10:13 AM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 10:13 AM IST

Oriental College Ragging Case: सख्त कानून के बाद भी नहीं थम रहे रैगिंग के मामले, अब सिगरेट नहीं लाने पर जूनियरों को पीटा / Image: File

HIGHLIGHTS
  • रैगिंग के दोषी को 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माना
  • दोषी छात्र को कॉलेज से निकाला जा सकता है
  • सीनियर्स ने जूनियर्स से सिगरेट मंगवाई, मना करने पर बेरहमी से मारपीट की

इंदौर: Oriental College Ragging Case मध्यप्रदेश के कॉलेजों में रैगिंग के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बाद भी आए दिन रैगिंग के नाम पर जूनियर छात्रों के साथ सीनियर स्टूडेंट मारपीट और बदसलूकी करते हैं। ऐसा ही एक मामला इंदौर के एक निजी कॉलेज से सामने आया है, जहां सिगरेट नहीं लाने पर सीनियर्स ने जूनियर छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी। फिलहाल मामला सामने आने के बाद पुलिस के केस दर्ज कर लिया है और कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी भी मामले की जांच कर रही है।

Oriental College Ragging Case मिली जानकारी के अनुसार मामला ओरिएंटल कॉलेज का है, जहां सीनियर्स ने जूनियर छात्रों से सिगरेट मंगाई, लेकिन जूनियर्स ने सिगरेट लाने से मना कर दिया। सिगरेट लाने से मना करने पर सीनियर भड़क गए और उन्होंने छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी। वहीं, जूनियर छात्रों ने थाने में अपनी आपबिती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने तीन सीनियर छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि मध्यप्रदेश या इंदौर के कॉलेज का ये पहला मामला नहीं है, जब रैगिंग के नाम पर छात्रों की पिटाई की गई हो। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर के ही शासकीय डेंटल कॉलेज से भी रैगिंग का मामला सामने आया है, जहां सीनियर छात्र जूनियर को समय से पहले आने और उनके जाने के बाद ही कॉलेज से जाने की बात कहते थे। वहीं, मामले की एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में दोषी पाए गए छात्रों को 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। मामले की जांच यूजीसी तक की गई थी।

कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी

  • सभी कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए समिति होती है
  • एडमिशन के समय सभी छात्रों और अभिभावकों को रैगिंग न करने का शपथ पत्र देना होता है
  • पहले तीन महीनों में नए छात्रों का गुमनाम सर्वे किया जाता है
  • UGC द्वारा 1800-180-5522 टोल-फ्री हेल्पलाइन और antiragging.in पोर्टल है

रैगिंग करने वालों के खिलाफ कानून प्रावधान

  • रैगिंग एक दंडनीय अपराध है, जिसमें 5 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है
  • कॉलेज रैगिंग रोकने के लिए हर कदम उठाने को बाध्य हैं
  • शिकायत पर 7 दिन में कार्रवाई करनी होती है

रैंगिंग करने वाले छात्रों को हो सकती है सजा

  • रैंगिंग करने वाले छात्रों को निष्कासित, परीक्षा से वंचित, छात्रावास से निकालने की कार्रवाई हो सकती है
  • रैंगिंग करने वाले छात्रों FIR दर्ज हो सकती है साथ ही गिरफ्तारी जेल या जुर्माना भी लगाया जा सकता है
  • दोषी छात्र के सर्टिफिकेट पर रैगिंग में शामिल होने का उल्लेख किया जाता है

रैगिंग होने पर यहां करें शिकायत

  • कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी से संपर्क करें
  • UGC हेल्पलाइन 1800-180-5522 पर कॉल करें
  • antiragging.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें

ये भी पढ़ें

इंदौर ओरिएंटल कॉलेज मामले में पुलिस ने क्या एक्शन लिया है?

पुलिस ने पीड़ित छात्रों की शिकायत पर तीन आरोपी सीनियर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रैगिंग की शिकायत कहाँ दर्ज कराई जा सकती है?

छात्र अपने कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी, नजदीकी थाने या UGC की हेल्पलाइन 1800-180-5522 पर शिकायत कर सकते हैं।

क्या रैगिंग के लिए छात्र को गिरफ्तार किया जा सकता है?

हाँ, पुलिस शिकायत दर्ज होने पर आरोपी छात्रों को गिरफ्तार कर सकती है और उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है।

क्या शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है?

UGC के नियमों के मुताबिक, छात्र चाहें तो गुमनाम तरीके से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं ताकि उन्हें बाद में कोई परेशानी न हो।

रैगिंग रोकने के लिए सरकार के पास क्या पोर्टल है?

सरकार और UGC द्वारा संचालित antiragging.in पोर्टल पर जाकर कोई भी छात्र ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकता है।