इंदौर की महिला मिस्त्रियों ने आईआईटी-मुंबई की मदद से बनाई किफायती ई-साइकिल

इंदौर की महिला मिस्त्रियों ने आईआईटी-मुंबई की मदद से बनाई किफायती ई-साइकिल

इंदौर की महिला मिस्त्रियों ने आईआईटी-मुंबई की मदद से बनाई किफायती ई-साइकिल
Modified Date: June 4, 2026 / 04:44 pm IST
Published Date: June 4, 2026 4:44 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), चार जून (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच इंदौर की एक गैर सरकारी संस्था की महिला मिस्त्रियों ने आईआईटी-मुंबई के तकनीकी सहयोग से एक किफायती इलेक्ट्रिक साइकिल विकसित की है।

‘यंत्रिका’ नाम की इस ई-साइकिल को विश्व पर्यावरण दिवस (पांच जून) की पूर्व संध्या पर यहां बृहस्पतिवार को एक समारोह के दौरान पेश किया गया।

गैर सरकारी संस्था ‘समान सोसाइटी’ के निदेशक राजेंद्र बंधु ने संवाददाताओं को बताया कि वाहनों की मरम्मत करने वाली पांच महिला मिस्त्रियों ने इस साइकिल को आईआईटी-मुंबई के ‘सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी अल्टरनेटिव्स फॉर रूरल एरियाज’ (सी-तारा) के सहयोग से बनाया है।

उन्होंने बताया,‘‘सी-तारा के प्रोफेसर सतीश अग्निहोत्री और उनके विद्यार्थियों ने हमें शुरुआत से तकनीकी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने ई-साइकिल का परीक्षण किया और करीब छह महीने की प्रक्रिया के बाद इसके तीन मॉडल को मंजूरी दी। संस्थान ने आईआईटी बॉम्बे परिसर में उपयोग के लिए हमें 10 ई-साइकिल का ऑर्डर भी दिया है।’’

बंधु ने बताया कि उनकी संस्था को ऐसी एक साइकिल तैयार करने में 32,000 रुपये की लागत आई, लेकिन बड़े पैमाने पर विनिर्माण होने पर ग्राहकों के लिए इसकी कीमत घटकर 25,000 रुपये के आस-पास पहुंच सकती है।

उन्होंने बताया,‘‘बैटरी को एक बार चार्ज करने पर यह साइकिल करीब 30 किलोमीटर तक चल सकती है।’’

गैर सरकारी संस्था से जुड़ी मिस्त्री सपना जाधव ने बताया कि ई-साइकिल को विकसित करने का उद्देश्य किफायती परिवहन साधन के जरिए खासकर महिलाओं और मजदूरों की दैनिक आवाजाही को आसान बनाना है।

उन्होंने कहा,‘‘इस साइकिल से महिलाओं को उनके कामकाज के लिए जल्दी गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच यह मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए परिवहन का किफायती विकल्प साबित हो सकती है।’’

भाषा हर्ष

राजकुमार

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