भोपाल। Face To Face Madhya Pradesh 35 दिन बाद मध्य प्रदेश को सरकार चुननी है। इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो सियासत के केंद्र में है। बात बनते बिगड़ते। इस बात पर आ गई कि गंगा जल पर भाजपा सरकार ने जीएसटी लगा दी। कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा बनाने की पूरी कोशिश कर रही है। तर्क ये दिया जा रहा है कि धर्म के नाम पर तो राजनीति करते हैं लेकिन गंगाजल पर जीएसटी लगाते हैं।
Face To Face Madhya Pradesh वीओ- गंगा किनारे बैठे शिवराज सिंह चौहान की इस तस्वीर पर मध्यप्रदेश में खूब सियासत हो रही है..राजनीति का निचला स्तर दिखा। आरोप कांग्रेस पर लगा। कांग्रेस ने किनारा किया फिर बात गंगाजल पर लगने वाले टैक्स पर आ गई। पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्तमान मुख्यमंत्री से कहा है कि कैमरा लेकर शांति की तलाश में जिस गंगा किनारे आप बैठे हैं। उसी गंगाजल पर टैक्स लगाकर भाजपा की सरकार ने धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।
असल में गाय, मठ मंदिर और सनातन के मुद्दे के बाद मध्यप्रदेश की सियासत में अब गंगा जल की भी एंट्री हो गयी है। कांग्रेस गंगा जल पर जीएसटी लगाए जाने के फैसले के बाद मध्यप्रदेश में बीजेपी की खिंचाई कर रही है। कांग्रेस की तरफ से वोटर्स को ये बताने की कोशिश हो रही है कि सनातन मान्यतों पर चलने का दावा करने वाले मंदिरों में घोटाले कर रहे हैं और गंगा जी जैसे पवित्र जल पर टैक्स लगाकर हिंदुओं को छल रहे हैं। इसका जवाब बीजेपी की तरफ से गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिया।
गंगाजल की 250 मिलीमीटर वाली बोतल जो पहले डाक विभाग के ज़रिए 30 रुपये में मिलती थी वो अब 35 रुपये में मिलेगी। इसी बात को कांग्रेस चुनावी मुद्दा बना रही है और बीजेपी को उसके राम मंदिर निर्माण से लेकर महाकाल कॉरिडोर निर्माण में घपले घोटालों के जरिए एक्सपोज़ करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस को उम्मीद है हिंदुओं के वोट थोक में पार्टी को मिल गए तो जीत पक्की है। हालांकि खबर तो ये भी है कि बीजेपी कड़वे दिनों के बाद त्योहारी सीज़न में सनातन के मुद्दे को तेज़ी से उठाकर माहौल अपनी तरफ करने की तैयारी में है।