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जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से छत्तीसगढ़ के आमाबेड़ा जैसा ही एक मिलता-जुलता मामला सामने आया है। यहाँ कब्रिस्तान में मुस्लिम व्यक्ति के शव दफनाने को लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ है। शव को दफनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ज़मीन को हिंदू पक्ष ने चारागाह की ज़मीन बताया है, वहीं मुस्लिम पक्ष ने इसे कब्रिस्तान बताया है। Jabalpur News इस पूरे मामले में हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया है, जिसके बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर मामले की तनावपूर्ण स्थिति को काबू में किया।
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला जबलपुर के चरगवां थाना क्षेत्र का है। यहाँ मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजन शव दफनाने पहुँचे, तो स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए उस ज़मीन को चारागाह की ज़मीन बताते हुए उन्हें शव दफनाने से मना कर दिया। Charagah Land Controversy वहीं मुस्लिम पक्ष ने दावा किया कि वे वर्षों से इसका उपयोग कब्रिस्तान के तौर पर कर रहे हैं।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। News Madhya Pradesh इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को संभालने की कोशिश की। फिलहाल पूरे इलाके में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक दंगे को रोका जा सके।
आपको बता दें कि ऐसा ही मिलता-जुलता मामला कांकेर के आमाबेड़ा से सामने आया था, जहाँ बड़े टेवड़ा गांव के सरपंच रजमन सलाम के पिता की मृत्यु के बाद उनका शव गांव में ही दफना दिया गया था। Amabeda Controversy सरपंच के परिवार ने धर्म परिवर्तन किया था, जिससे ग्रामीण आक्रोशित थे। गांव में दो दिनों से शव को निकालने की मांग लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। 16 दिसंबर को यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था। ग्रामीण शव को कब्र से बाहर निकालने पहुँच गए थे और इसी के चलते ईसाई समुदाय और हिंदू समुदाय में जमकर झड़प हुई थी।