जबलपुर: MBBS Student Suicide Case: जबलपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्र शिवांश गुप्ता की आत्महत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है। छात्र द्वारा हॉस्टल की ऊपरी मंज़िल से छलांग लगाकर जान देने के बाद अब इस मामले में रैगिंग के आरोप सामने आ रहे हैं।
MBBS Student Suicide Case: घटना के बाद गंभीर रूप से घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से कॉलेज परिसर और छात्र समुदाय में शोक की लहर फैल गई है। मृतक छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिवांश को कॉलेज में रैगिंग का शिकार बनाया जा रहा था जिससे मानसिक दबाव में आकर उसने यह कदम उठाया।
MBBS Student Suicide Case: इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जबलपुर कलेक्टर, एसपी और मेडिकल कॉलेज के डीन को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। फिलहाल गढ़ा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस द्वारा छात्रों और कॉलेज प्रशासन से पूछताछ की जा रही है।
"जबलपुर मेडिकल कॉलेज आत्महत्या" का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
शिवांश गुप्ता की आत्महत्या के पीछे रैगिंग को मुख्य कारण बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि छात्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
"जबलपुर मेडिकल कॉलेज आत्महत्या" मामले में किसने कार्रवाई शुरू की है?
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जबलपुर कलेक्टर, एसपी और मेडिकल कॉलेज डीन को नोटिस जारी किया है।
"जबलपुर मेडिकल कॉलेज आत्महत्या" में अब तक क्या जांच हुई है?
गढ़ा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्रों और कॉलेज प्रशासन से पूछताछ जारी है, और पुलिस सुसाइड के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।
"जबलपुर मेडिकल कॉलेज आत्महत्या" में क्या रैगिंग की पुष्टि हुई है?
फिलहाल रैगिंग की शिकायत के आधार पर जांच हो रही है। अधिकारिक पुष्टि मेडिकल कॉलेज और पुलिस जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संभव है।
"जबलपुर मेडिकल कॉलेज आत्महत्या" से जुड़े कौन-कौन से अधिकारी जवाबदेह हैं?
जबलपुर कलेक्टर, एसपी, और मेडिकल कॉलेज डीन से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि पूरे मामले में जिम्मेदारी तय की जा सके।