Vande Mataram Controversy: ‘देश का खाते हैं, वफादार नहीं..’, वंदे मातरम विवाद में नया मोड़, कांग्रेस पार्षद ने कहा-कहलवाकर दिखाओ, अब विजयवर्गीय ने किया पलटवार
Vande Mataram Controversy: मध्यप्रदेश में वंदे मातरम को लेकर सियासत तेज हो गई है, जहां कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की पार्षद फौजिया अलीम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
vande mataram news/ image source: ibc24
- वंदे मातरम पर सदन में हंगामा
- कैलाश विजयवर्गीय का तीखा बयान
- पार्षदों के बीच तीखी बहस
Vande Mataram Controversy: जबलपुर: मध्यप्रदेश में वंदे मातरम को लेकर सियासत तेज हो गई है, जहां कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की पार्षद फौजिया अलीम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि “कुछ लोग इस देश का अन्न खाते हैं, लेकिन देश के प्रति वफादारी नहीं रखते।” उन्होंने आगे कहा कि जिस भारत माता का अन्न खाया जाता है, उसके प्रति सम्मान और निष्ठा होनी चाहिए। उनके मुताबिक, जिस धरती पर खड़े हैं उसे ‘मां’ कहने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने फौजिया अलीम की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जल्द ही सद्बुद्धि मिले, यही कामना है। इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है।
Indore municipal council: क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, पूरा विवाद नगर निगम परिषद के बजट सम्मेलन के दौरान शुरू हुआ, जहां वंदे मातरम को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। बीजेपी ने कांग्रेस की मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगाया। इस पर रुबीना इकबाल खान ने सदन में तीखा जवाब देते हुए कहा, “तुम्हारे बाप में दम हो तो कहलवाकर बता दो।” इसके बाद बीजेपी पार्षदों ने जोर-जोर से वंदे मातरम के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए सभापति ने कार्रवाई करते हुए फौजिया शेख अलीम को एक दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया।
Faujia Aleem controversy: फौजिया अलीम सदन से बाहर
विवाद के बीच फौजिया शेख अलीम ने अपने बयान में कहा कि संविधान के तहत किसी भी व्यक्ति को जबरन वंदे मातरम गाने या ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को यह स्वतंत्रता है कि वे राष्ट्रगान या ऐसे नारों में भाग लें या नहीं, और धर्म से जुड़े मामलों में किसी पर दबाव नहीं डाला जा सकता। वहीं, पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि भले ही संविधान वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं बनाता, लेकिन उसका अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे ने सफाई देते हुए कहा कि यह फौजिया अलीम की व्यक्तिगत राय है और पार्टी नेतृत्व, खासकर पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी को इसकी पूरी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने यह भी दोहराया कि वंदे मातरम और जनगणना जैसे विषय देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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