Kailash Vijayvargiya Letter: मंत्री के पत्र पर मचा सियासी बवाल, कांग्रेस ने बोला तीखा हमला, कहा- “जनता भुगत रही है कीमत”…. जानें और क्या कहा?

Kailash Vijayvargiya Letter: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कथित तौर पर सीएम डॉ मोहन यादव को एक पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है।

Kailash Vijayvargiya Letter: मंत्री के पत्र पर मचा सियासी बवाल, कांग्रेस ने बोला तीखा हमला, कहा- “जनता भुगत रही है कीमत”…. जानें और क्या कहा?

Kailash Vijayvargiya Letter/Photo Credit: X

Modified Date: July 1, 2026 / 11:45 am IST
Published Date: July 1, 2026 11:34 am IST
HIGHLIGHTS
  • कैलाश विजयवर्गीय के मुख्यमंत्री को लिखे बताए जा रहे एक कथित पत्र को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है
  • विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है
  • ध्यान देने योग्य बात यह है कि संबंधित पत्र सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है; इसकी सामग्री मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से चर्चा में है

इंदौर। Kailash Vijayvargiya Letter: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने कथित तौर पर सीएम डॉ मोहन यादव को एक पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है। वहीं इस पत्र से जुड़ी जानकारी सार्वजानिक होने के बाद प्रदेश में सियासी बवाल मच गया है। सूत्रों के अनुसार अपने पत्र में कैलाश ने आरोप लगाया है कि पिछले ढाई वर्षों से उन्हें केवल असहयोग, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ा। इंदौर से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों में नजर अंदाज किया गया। हालाकि यह पत्र सामने नही आया है लेकिन इसमें लिखी बातों की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

भाजपा की लड़ाई का खामियाज़ा जनता भुगत रही है

Kailash Vijayvargiya Letter नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने अपने सोशल मीडिया X पर पोस्ट शेयर कर लिखा- मुख्यमंत्री की पोल खोलते उनके ही वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय! उन्होंने लिखा कि, भाजपा के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खुद लिख रहे हैं कि पिछले ढाई वर्षों से उन्हें केवल “असहयोग, उपेक्षा और विरोध” मिला। उन्होंने इंदौर का मास्टर प्लान रोकने, मेट्रोपॉलिटन रीजन में इंदौर की अनदेखी, एयरपोर्ट विस्तार के लिए ज़मीन न देने, पीथमपुर की उपेक्षा, जल संकट में सहयोग न मिलने और सिंहस्थ के कार्यों में इंदौर को नज़रअंदाज़ करने जैसे गंभीर आरोप मुख्यमंत्री पर लगाए हैं। लेकिन सवाल यह भी है कि कैलाश जी, ढाई साल तक आप भी इसी सरकार का हिस्सा थे। अगर प्रदेश के विकास के साथ इतना बड़ा अन्याय हो रहा था, तो अब तक चुप क्यों रहे?

सिंघार ने कहा, दोषी मुख्यमंत्री हों या मंत्री, लेकिन भाजपा की अंदरूनी सत्ता की लड़ाई और अहंकार की राजनीति का खामियाज़ा मध्यप्रदेश की जनता भुगत रही है। क्या भाजपा 20 साल से मिले जनादेश को प्रदेश की जनता के लिए सज़ा में बदल रही है? मध्यप्रदेश को विकास चाहिए, भाजपा नेताओं की आपसी लड़ाई नहीं।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.