Karan Singh Verma Statement Controversy: ‘बहनें अपना हक़ मांग रही हैं तो उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं’, मंत्री करण सिंह वर्मा के बयान पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का पलटवार

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Karan Singh Verma Statement Controversy: ‘लाडली बहना योजना’ को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री ही विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं।

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 12:46 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 12:52 PM IST

Karan Singh Verma Statement Controversy/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना को लेकर फिर शुरू हुआ विवाद।
  • राजस्व मंत्री करण सिंह से लाड़ली बहनों को नाम काटने की धमकी दी है।
  • मंत्री के इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पलटवार किया है।

Karan Singh Verma Statement Controversy: भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी ‘लाडली बहना योजना’ को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री ही विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। आए दिन प्रदेश सरकार के मंत्री लाडली बहना योजना के हितग्राहियों का नाम काटने की धमकी दे रहे हैं। एक बार फिर प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने (Karan Singh Verma Statement Controversy) भरे मंच से महिलाओं को धमकी देते हुए कहा है कि जो कार्यक्रम में नहीं आएगा उसका नाम लाडली बहना योजना के हितग्राहियों की सूची से हटा दिया जाएगा।

मंत्री ने लाडली बहनों को दी धमकी

दरअसल राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सिहोर में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ”इस गांव में 894 बहनों को लाडली बहना योजना के 1500 रुपए हर महीने मिलता है, इस कार्यक्रम में कितनी लाडली बहन आई है, एक दिन सभी बहनों को बुलाएंगे, और जो कार्यक्रम में (Karan Singh Verma Statement Controversy)  नहीं आएगी उनका नाम काट दिया जाएगा। कांग्रेस के राज में यह पैसा नहीं मिलता था अब जिनके राज में यह पैसा मिल रहा है उनका बोलना चाहिए।”

उमंग सिंघार ने मंत्री करण सिंह वर्मा पर साधा निशाना

Karan Singh Verma Statement Controversy:  वहीं मंत्री करण सिंह वर्मा के इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश विधनसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बाड़ा बयान सामने आया है। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि, लाड़ली बहनों के स्वाभिमान पर चोट करना अब (Karan Singh Verma Statement Controversy)  भाजपा नेताओं की कार्यशैली बनती जा रही है। मंत्री करण वर्मा द्वारा लाड़ली बहनों को मंच पर बुलाने की बात कहना और न आने पर “नाम काटने” जैसी धमकी देना केवल एक गैर-जिम्मेदार बयान नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और महिला-विरोधी मानसिकता का खुला प्रमाण है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने बयान में आगे कहा कि, पहले सरकार ने ₹3000 देने के बड़े-बड़े वादे किए, फिर राशि ₹1500 पर अटक गई, और आज जब बहनें अपना हक़ मांग रही हैं तो उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं। क्या यही भाजपा शासन में महिला सम्मान है?

भाजपा के तथाकथित सुशासन की असल तस्वीर उसके मंत्री स्वयं अपने बयानों से सामने ला रहे हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी भाजपा मंत्री विजय शाह द्वारा प्रदेश की लाड़ली बहनों और देश की बेटी कर्नल सोफिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं, लेकिन ‘संस्कारों’ की दुहाई देने वाली पार्टी ने तब भी (Karan Singh Verma Statement Controversy)  चुप्पी साध ली। लाड़ली बहना योजना कोई कृपा या एहसान नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों का अधिकार है। मंत्री करण वर्मा को प्रदेश की सभी बहनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

पहले भी दे चुके हैं नाम काटने की धमकी

बता दें कि ये पहली बार नहीं है, जब प्रदेश सरकार के किसी मंत्री ने लाडली बहनों का नाम कटवाने की धमकी दी हो। इससे पहले मंत्री विजय शाह ने एक बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि “अगर हम मुख्यमंत्री जी को सम्मानित करना चाहें लाडली बहना कार्यक्रम में तो कितनी महिलाएं आ सकती हैं। ढाई लाख में से 50 हजार आ जायेंगी” इस पर कार्यक्रम में बैठे अधिकारियों ने कहा “40 से 50 हजार तक आ जाएंगी।”

“इतनी आ जाएंगी मेरे सामने एक प्लान करो जब 1500 के हिसाब से हम लोग करोड़ों रुपए दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के 2 साल हो गए बहन अपने भाई का सम्मान तो करें सब, ढाई लाख में से 50000 क्यों आएं,देखो जरा। जो आएंगे उनके ढाई सौ बढ़ा देंगे नहीं तो फिर देखते हैं जो सरकार गरीब बहनों के जीवन में खुशहाली (Vijay Shah  Statement Controversy)  ला रही है तो उसको 2 साल में एक बार थैंक यू तो बोलना चाहिए। नहीं तो फिर जिनको ढाई-ढाई सौ रुपए बढ़ रहे हैं। वह कौन अधिकारी है, फिर जांच के बाद ही देखेंगे किसी को आधार में वह लिंक नहीं है जांच थोड़ी पेंडिंग कर देंगे।”

सिहोर के कार्यक्रम में पहुंचे थे मंत्री करण वर्मा

Karan Singh Verma Statement Controversy:  मिली जानकारी के अनुसार राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सीहोर जिले के ग्राम नापलाखेड़ी और धामंदा में नवीन (Karan Singh Verma Statement Controversy)  उप-स्वास्थ्य केंद्रों के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। ग्राम धामंदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस गांव में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति बेहद कम है।

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उमंग सिंघार ने मंत्री करण सिंह वर्मा के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?

उमंग सिंघार ने कहा कि लाड़ली बहनों को मंच से धमकी देना सत्ता का दुरुपयोग है और यह महिला-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे बहनों के स्वाभिमान पर चोट बताया।

उमंग सिंघार के अनुसार लाड़ली बहना योजना को लेकर भाजपा सरकार की क्या सच्चाई है?

उमंग सिंघार का कहना है कि सरकार ने पहले ₹3000 देने का वादा किया था, लेकिन अब ₹1500 पर ही बात अटकी है और हक़ मांगने पर बहनों को धमकाया जा रहा है।

उमंग सिंघार ने मंत्री करण सिंह वर्मा से क्या मांग की है?

उमंग सिंघार ने मांग की है कि मंत्री करण सिंह वर्मा प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

क्या उमंग सिंघार ने इसे पहली घटना बताया है?

नहीं, उमंग सिंघार ने कहा कि इससे पहले भी भाजपा मंत्रियों द्वारा लाड़ली बहनों को लेकर आपत्तिजनक और धमकी भरे बयान दिए जा चुके हैं।

उमंग सिंघार के मुताबिक लाड़ली बहना योजना क्या है?

उमंग सिंघार के अनुसार लाड़ली बहना योजना कोई एहसान नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों का अधिकार है।