एम्स भोपाल में होम्योपैथी, चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े विषयों पर व्याख्यान का आयोजन

एम्स भोपाल में होम्योपैथी, चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े विषयों पर व्याख्यान का आयोजन

एम्स भोपाल में होम्योपैथी, चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े विषयों पर व्याख्यान का आयोजन
Modified Date: July 12, 2026 / 02:53 pm IST
Published Date: July 12, 2026 2:53 pm IST

भोपाल, 12 जुलाई (भाषा) राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में होम्योपैथी और चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय अतिथि व्याख्यान शृंखला आयोजित की गई, जिसमें दीर्घकालिक बीमारियों के उपचार में यह चिकित्सा पद्धति कैसे सहायक हो सकती है और कैसे कम खर्च में उपचार के विकल्प उपलब्ध करा सकती है, जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

एम्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार के आयुष विभाग और भोपाल एम्स के अनुसंधान प्रकोष्ठ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक माधवानंद कर ने स्वास्थ्य सेवा में अंतःविषयक दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया और भारत के स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और प्रभावी वैज्ञानिक संचार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रसिद्ध होम्योपैथी विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता प्रो. ए.के. गुप्ता ने ‘एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (एएलएस) और मोटर न्यूरॉन रोग (एमएनडी) के प्रबंधन में होम्योपैथी’ विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी और उभरती चिकित्सीय संभावनाओं पर व्यावहारिक चर्चा की।

प्रसिद्ध अकादमिक नेता, लेखक और नीति सलाहकार डॉ. नकुल पाराशर ने ‘पांडुलिपि से प्रकाशन तक: शोध पत्र लेखन के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका’ विषय पर प्रकाश डाला।

उन्होंने वैज्ञानिक पांडुलिपि तैयार करने, प्रकाशन नैतिकता, जर्नल चयन, अनुसंधान अखंडता, सहकर्मी समीक्षा प्रक्रियाओं सहित अन्य विषयों पर अपना पक्ष रखा।

कार्यक्रम में होम्योपैथी और चिकित्सा अनुसंधान से जुड़ी देश की कई नामचीन हस्तियों और संस्थान के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा शैक्षणिक एवं अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्सक और अधिकारी शामिल हुए।

भाषा ब्रजेन्द्र प्रशांत

प्रशांत


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