(तस्वीरों के साथ)
भोपाल, 25 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को सागर जिले में एक किसान के घर अपना 61वां जन्मदिन मनाया।
एक अधिकारी ने बताया कि यादव ने परिवार के साथ घर का बना खाना खाने के लिए किसान का निमंत्रण स्वीकार किया और फिर वहां पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने मोइली गांव में हरदास रायकवार के घर का दौरा किया और किसान की बहू द्वारा तैयार की गई बुन्देली भोजन का आनंद लिया, जिसमें कढ़ी, बिर्रा की रोटी, समां के चावल की खीर, खीचला-पापड़ आदि व्यंजन शामिल थे।
यादव ने ग्रामीण परिवेश में आम के वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर भोजन किया।
अधिकारी ने कहा कि परिवार के बच्चे मुख्यमंत्री की गोद में बैठे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने रायकवार की बात सुनी, जिन्होंने अपनी फसलों और उनके सामने आने वाली समस्याओं के बारे में बात की।
बाद में भावुक हुए रायकवार ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने आज हमें इतना सम्मान दिया है। यह सपना सच होने जैसा है।’’
उज्जैन में 25 मार्च 1965 को जन्मे यादव ने 13 दिसंबर 2023 को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
इससे पहले यादव ने जन्मदिन के अवसर पर सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती बाघ अभयारण्य (नौरादेही) में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में छोड़कर कर जैव विविधता संरक्षण का नव संदेश दिया।
उन्होंने चीतों के पुनर्वास के लिए बनने वाले विशेष बाड़े (बोमा) का भूमि-पूजन भी किया।
यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और जल स्रोतों को समृद्ध बनाकर वन्य प्राणियों एवं जलीय जीवों के संरक्षण के लिए सतत् प्रयास कर रही है।
उन्होंने विशेष रूप से साफ पानी वाली नदियों में कछुओं की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि इससे हमारे पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूती मिलेगी।
यादव ने कहा कि कछुओं को पानी में छोड़ने और चीता पुनर्वास की दिशा में बढ़ते कदम मध्यप्रदेश को वन्य-जीव पर्यटन और संरक्षण के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक प्रभावी रूप से स्थापित करेंगे।
उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र में कछुओं की महत्ता पर जोर देते हुए जल संरचनाओं के संरक्षण का आह्वान किया।
भाषा ब्रजेन्द्र
धीरज
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