इंदौर, 17 मार्च (भाषा) इंदौर और उज्जैन के बीच बनाए जा रहे छह लेन वाले रोड के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जाने के बाद मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने मंगलवार को सफाई दी।
एमपीआरडीसी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित रील में किए गए दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह सड़क प्लास्टिक के सरिये से नहीं, बल्कि ‘ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीमर (जीएफआरपी)’ नामक सामग्री से बनाई जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर ‘फाइबर ग्लास’ कहा जाने वाला जीएफआरपी, कांच के महीन रेशों और पॉलीमर रेजिन से बना हल्का, मजबूत और जंग-प्रतिरोधी पदार्थ है।
एमपीआरडीसी के प्रबंधक गणेश भाभर ने एक बयान में कहा कि इंदौर और उज्जैन के बीच सड़क के निर्माण के लिए स्टील के सरिये के स्थान पर जीएफआरपी की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो दिन से विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर इस सड़क के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता को लेकर प्रश्न उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित रील में दावा किया जा रहा है कि सड़क बनाने के लिए प्लास्टिक के सरिये का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह बात तथ्यों से परे है।’’
भाभर ने कहा कि स्टील के सरिये में जल्दी जंग लगने की आशंका रहती है, जबकि जीएफआरपी की सामग्री में कभी जंग नहीं लगता। उन्होंने कहा, ‘स्टील का सरिया भारी होता है, जबकि जीएफआरपी की सामग्री बहुत हल्की होती है। भले ही जीएफआरपी का वजन कम है, लेकिन इसमें खिंचाव सहने की शक्ति स्टील से कहीं अधिक होती है।’’
भाषा हर्ष अमित
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