भोपाल, 28 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की प्रक्रिया को तेज करते हुए उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया है और इसे 60 दिन के भीतर मसौदा विधेयक तैयार कर अपनी सिफारिशें सौंपने का निर्देश दिया गया है।
सोमवार देर रात जारी अधिसूचना के अनुसार, समिति में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी, एक विधि विशेषज्ञ और एक शिक्षाविद समेत अन्य सदस्य शामिल हैं।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि समिति को निर्धारित अवधि में अपनी सिफारिशें सौंपनी होंगी।
अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और संबंधित सामाजिक परंपराओं जैसे विषयों को नियंत्रित करने के लिए समान नागरिक संहिता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, समिति विभिन्न समुदायों में प्रचलित प्रथाओं का अध्ययन करेगी और उत्तराखंड तथा गुजरात में लागू यूसीसी मॉडल का परीक्षण कर राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संदर्भ के अनुरूप अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
उन्होंने बताया कि समिति विभिन्न हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां भी आमंत्रित करेगी तथा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करेगी।
अधिसूचना के मुताबिक, समिति को यह भी निर्देश दिया गया है कि उसकी कार्यवाही और सिफारिशें विधिक रूप से सुदृढ़ हों और हितधारकों के लिए किसी प्रकार की जटिलता उत्पन्न न करें।
समिति के अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, विधि विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटसेरिया शामिल हैं।
भाषा दिमो मनीषा खारी
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