Vande Bharat: राम मंदिर.. चढ़ावे में गड़बड़ी, फूटी सियासी फुलझड़ी! हेराफेरी की जांच के लिए SIT गठित, क्या सच में हुई कोई गड़बड़ी या सिर्फ राजनीतिक आरोपों का है शोर?

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Ram Mandir Donation Scam Politics: अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान घोटाले का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है।

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  • Publish Date - June 14, 2026 / 11:47 PM IST,
    Updated On - June 14, 2026 / 11:47 PM IST

Ram Mandir Donation Scam Politics/ IMAGE SOURCE : X

HIGHLIGHTS
  • अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान घोटाले का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
  • योगी सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दे दिए हैं।
  • राम मंदिर ट्रस्ट ने दानपात्र से किसी भी तरह की चोरी या गबन की बात को सिरे से खारिज किया है।

Ram Mandir Donation Scam Politics: नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान घोटाले का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विवाद बढ़ता देख योगी सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दे दिए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर बनाई गई इस समिति में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। सरकार ने एक सप्ताह में प्रारंभिक और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट मांगी है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठे। (Ram Mandir Donation Scam Politics) सपा ने मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की बात कही और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इसके बाद विपक्ष लगातार सरकार और ट्रस्ट पर हमलावर है।

हालांकि विश्व हिंदू परिषद और ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। रायपुर पहुंचे वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अगर किसी को सुप्रीम कोर्ट की जांच चाहिए तो वो अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है, लेकिन इस मुद्दे पर निम्न स्तर की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

इधर ट्रस्ट ने दानपात्र से किसी भी तरह की चोरी या गबन की बात को सिरे से खारिज किया है। (Ram Mandir Donation Scam Politics)  ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि मंदिर का ऑडिट लगातार हो रहा है और अब तक किसी तरह की वित्तीय अनियमितता का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

लेकिन विवाद यहीं नहीं थमा..दान राशि गबन मामले में हिरासत में लिए गए सेवादार लवकुश मिश्रा के परिवार ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि कुछ लोग सादे कपड़ों में घर पहुंचे और नगदी लेकर चले गए। परिवार ने इस मामले में कई सवाल खड़े किए हैं।

फिलहाल आरोप और प्रत्यारोप के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में राम मंदिर की दान राशि में कोई गड़बड़ी हुई है या फिर ये सिर्फ राजनीतिक आरोपों का शोर है। (Ram Mandir Donation Scam Politics)  जवाब अब SIT की जांच रिपोर्ट से ही सामने आएगा। जिस पर देशभर की निगाहें टिकी हैं।

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