मप्र: सरकार ने गैस और तेल की स्थिति की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की

मप्र: सरकार ने गैस और तेल की स्थिति की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की

मप्र: सरकार ने गैस और तेल की स्थिति की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की
Modified Date: March 11, 2026 / 12:51 am IST
Published Date: March 11, 2026 12:51 am IST

भोपाल, 10 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और दो मंत्रियों सहित तीन सदस्यीय समिति का गठन किया।

इस समिति का उद्देश्य मौजूदा संकट के बीच पश्चिम एशिया में फंसे राज्य के निवासियों की सहायता करना और गैस एवं तेल आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखना है।

इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच राज्य में गैस और तेल का पर्याप्त भंडार है तथा लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा था कि आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य सरकार तीन सदस्यीय समिति गठित करेगी।

मुख्यमंत्री ने यहां स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक भी की थी।

यादव ने एक बयान में कहा, ‘‘खाद्यान्न, गैस या तेल की आपूर्ति को लेकर किसी को भी घबराने या चिंता करने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों को राज्य में सर्वोत्तम प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और उसके मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश समेत देश में कहीं भी आपूर्ति से जुड़ी कोई समस्या नहीं आ रही।

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) नीरज मंडलोई ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि सरकार ने समिति के गठन के संबंध में आदेश जारी किया है, जिसमें वित्त मंत्रालय संभालने वाले उपमुख्यमंत्री देवड़ा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सहायक सचिव समिति के सचिव होंगे जबकि वित्त एवं लघु एवं मध्यम उद्यम विभागों के सचिव समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य होंगे।

समिति, केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार समय-समय पर बैठकें करेगी और पश्चिम एशिया में रह रहे राज्य के निवासियों को सहायता प्रदान करने के तरीकों पर चर्चा करेगी।

इसके अलावा, समिति राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सिफारिशें भी देगी।

भाषा जितेंद्र

जितेंद्र


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