मप्र : सीधी के जिलाधिकारी सोमवंशी और गुना के पुलिस अधीक्षक सोनी हटाए गए

मप्र : सीधी के जिलाधिकारी सोमवंशी और गुना के पुलिस अधीक्षक सोनी हटाए गए

मप्र : सीधी के जिलाधिकारी सोमवंशी और गुना के पुलिस अधीक्षक सोनी हटाए गए
Modified Date: March 22, 2026 / 09:33 pm IST
Published Date: March 22, 2026 9:33 pm IST

भोपाल, 22 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर सीधी के जिलाधिकारी स्वरोचित सोमवंशी और पुलिस की तलाशी के दौरान मिली नकद राशि में हेरफेर के मामले में गुना के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को पद से हटा दिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सीधी जिला सहकारी बैंक के महाप्रबधंक पी एस धनवाल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया।

सोमवंशी के स्थान पर 2013 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी विकास मिश्रा को सीधी का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

यादव ने रविवार को अचानक सीधी जिले में स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया और प्रशासनिक व्यवस्था व योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानी।

इस दौरान उन्होंने आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा की और उनकी प्रतिक्रिया के बारे में भी जानकारी ली।

बयान में कहा गया, ‘मुख्यमंत्री यादव ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी के जिलाधिकारी स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबधंक पी एस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये।’

इसके बाद सोमवंशी और धनवाल पर कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।

बयान में कहा गया कि यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि में हेरफेर के मामले में गुना के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के एक कारोबारी की कार से जांच के दौरान एक करोड़ रुपये मिलने और कथित तौर पर 20 लाख रुपये लेने के बाद उसे छोड़ने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 मार्च को गुना जिले के धरनावद पुलिस थाने के तहत रुठियाई चौकी इलाके में हुई। यादव ने इसी मामले में कार्रवाई करते हुए सोनी को पद से हटा दिया।

आदेश के मुताबिक सोनी को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर भेजा गया है। सोनी के स्थान पर हितिका वसल को गुना का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।

यादव ने कहा कि प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किये जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूं कि यदि वे क्षेत्र में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें क्षेत्र में रहने का कोई अधिकार नहीं है।’

मुख्यमंत्री ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित तथा प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को गंभीरता से लेकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन ‘कलेक्ट्रेट भवन’ (समाहरणालय भवन) की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण में तेजी लाते हुये निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया जाये।

भाषा

सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत


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