मध्यप्रदेश: निलंबित महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित
मध्यप्रदेश: निलंबित महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित
जबलपुर/कटनी (मप्र), 22 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश पुलिस ने कटनी की निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पचिसिया के खिलाफ हत्या के एक आरोपी से जुड़े कथित जमीन सौदे के मामले में लगे आरोपों की जांच के लिए शनिवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
कटनी के कुठला थाने में 19 अगस्त को पचिसिया (37) और उनके दो सहयोगियों, जिनमें क्षितिज राज बरापात्रे भी शामिल हैं, के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जबलपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि एसआईटी मामले की जांच कर रहीं जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंजना तिवारी की सहायता करेगी।
कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के अनुसार, मामला हत्या के आरोपी रमेश लोधी की गिरफ्तारी में कथित तौर पर देरी करने और निर्धारित 90 दिन की अवधि में उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किए जाने के आरोपों से जुड़ा है।
विश्वकर्मा ने कहा, ‘‘जब हमारे संज्ञान में आया कि आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है तो हमने उसे गिरफ्तार कराया।’’
हालांकि, आरोपपत्र दाखिल नहीं होने के कारण लोधी को जुलाई के पहले सप्ताह में जमानत मिल गई।
विश्वकर्मा ने कहा, ‘‘मैंने जांच की समीक्षा कराई…मैंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए, जिसमें मामला संदिग्ध पाया गया।’’
इसके बाद जबलपुर की एएसपी अनु बेनीवाल ने जांच की। जांच में सामने आया कि लोधी और उसके परिवार की जमीन 18 लाख रुपये में मारूफ अहमद हनफी को बेची गई, जबकि सरकार के निर्देश के अनुसार उसकी कीमत 82 लाख रुपये थी और बाजार मूल्य करीब दो करोड़ रुपये आंका गया।
पुलिस अधीक्षक विश्वकर्मा ने कहा, ‘‘कोई व्यक्ति इतनी कम कीमत पर जमीन क्यों बेचेगा? इसका मतलब है कि उस पर दबाव था। और दबाव यह था कि तुम्हें जेल नहीं भेजा जाएगा।’’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को पचिसिया को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया था।
रजनी नगर थाने के प्रभारी अरुण पाल सिंह, उप निरीक्षक सौरभ सोनी, सीएसपी के रीडर नरेंद्र पांडे, गनमैन माटू और चालक केशव को भी निलंबित किया गया है। विश्वकर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ कथित अपराध में शामिल होने का आरोप नहीं है, लेकिन सेवा नियमों के तहत जिन आदेशों का पालन नहीं किया जाना चाहिए था, उनका कथित तौर पर पालन करने के कारण उन्हें निलंबित किया गया है।
पचिसिया के खिलाफ एक अलग विभागीय जांच भी की जा रही है। इसमें एक ट्रांसपोर्टर के डंपर ट्रकों को रोकने के बाद उससे कथित तौर पर धन वसूली करने का आरोप है।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली पचिसिया ने पुलिस विभाग में आने से पहले एयर होस्टेस के रूप में काम किया था और कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी सेवाएं दी थीं। उन्होंने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की 2012 की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सरकारी सेवा में प्रवेश किया।
पुलिस विभाग में शामिल होने से पहले उन्होंने कुछ समय महिला एवं बाल विकास विभाग में भी काम किया था।
गुना में नगर पुलिस अधीक्षक के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान महिला मोबाइल पुलिस थाना शुरू करने के लिए उन्हें ‘‘लेडी सिंघम’’ के नाम से जाना जाने लगा था।
भाषा सं दिमो आशीष
आशीष

Facebook


