मप्र: छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में आग, एक नवजात की मौत और दो झुलसे
मप्र: छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में आग, एक नवजात की मौत और दो झुलसे
छिंदवाड़ा (मप्र), 22 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रखी ‘वॉर्मर मशीन’ में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात कथित तौर पर आग लगने से तीन नवजात झुलस गए, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि घटना रात करीब दो बजे हुई। वॉर्मर मशीन के फिलामेंट में स्पार्किंग के बाद आग लग गई, जिससे उसमें रखे तीन नवजात झुलस गए। अस्पताल के कर्मचारियों ने अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया।
‘वॉर्मर मशीन’ एक ऐसा चिकित्सीय उपकरण है जिसका उपयोग इलाज के दौरान मरीज के शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए किया जाता है।
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने बताया कि तीनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया।
उन्होंने बताया कि इनमें से एक नवजात की हालत गंभीर थी और उसे सर्जरी की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे जबलपुर रेफर किया गया।
दुबे ने बताया, ‘‘इनमें से एक बच्ची की इलाज के दौरान जबलपुर में मौत हो गई। उसके माता-पिता शिवानी वर्मा और आदित्य वर्मा हैं। बच्ची का जन्म घटना से कुछ घंटे पहले रात करीब 10 बजे हुआ था। अन्य दोंनों बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है।’’
अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने घटना के कारणों की जांच शुरू की है।
इस बीच, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
सिंघार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अस्पताल इलाज का भरोसा देते हैं, लेकिन भाजपा शासन में अस्पताल ही जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में आग लगने से एक नवजात की मौत और दो बच्चे झुलस गए हैं।
सिंघार ने भोपाल के दीपशिखा अस्पताल में भी आग लगने की घटना का जिक्र किया।
सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश के सभी अस्पतालों का तत्काल अग्नि ऑडिट कराने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
भाषा सं दिमो ब्रजेन्द्र शफीक
शफीक

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