रतलाम, 27 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में प्रेम विवाह के खिलाफ एक विवादास्पद ‘फरमान’ सुनाए जाने के मामले में पुलिस ने मंगलवार को छह ग्रामीणों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और उन्हें कानूनन पाबंद किया कि वे गांव में शांति बनाए रखेंगे। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर पंचेवा गांव में चार दिन पहले लिए गए विवादास्पद फैसले में कहा गया था कि परिजनों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों के साथ ही उनके परिवारों का भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि इस बात की घोषणा के वीडियो के आधार पर गांव के छह लोगों को ‘बाउंड ओवर’ (किसी व्यक्ति को अच्छा आचरण बनाए रखने या शांति भंग न करने के लिए कानूनी रूप से पाबंद करना) किया गया है।
उन्होंने बताया,‘‘पंचेवा के एक पीड़ित परिवार के आवेदन को संबंधित क्षेत्र के पुलिस अफसरों को भेजकर कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।’
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से पंचेवा गांव के लोगों के साथ संवाद किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसे मामले सामने नहीं आएं।
इस गांव में 23 जनवरी को सरेआम सुनाए गए एक फरमान से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया।
वीडियो में एक व्यक्ति ग्रामीणों की भीड़ के सामने घोषणा करते नजर आ रहा है कि घर से भाग कर प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा, उन्हें किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों का साथ देने वाले ग्रामीणों पर भी सामाजिक प्रतिबंध लगाया जाएगा।
साथ ही प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों को पंचेवा गांव में किसी भी तरह का रोजगार नहीं देने और उन्हें दूध व रोजमर्रा के इस्तेमाल की अन्य चीजों की आपूर्ति नहीं किए जाने समेत कई सामाजिक प्रतिबंधों की भी घोषणा की गई थी।
भाषा सं. हर्ष शफीक
शफीक