मप्र के विश्वविद्यालय ने पूर्व अग्निवीरों को शिक्षण शुल्क में 100 फीसद छूट देने का फैसला किया
मप्र के विश्वविद्यालय ने पूर्व अग्निवीरों को शिक्षण शुल्क में 100 फीसद छूट देने का फैसला किया
इंदौर, आठ सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने सेना के तीनों अंगों में अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने वाले पूर्व सैनिकों की उच्च शिक्षा की राह आसान करने के लिए उन्हें किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर शिक्षण शुल्क में पूरी छूट देने का निर्णय किया है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
राज्य सरकार के वर्ष 1964 में स्थापित विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस फैसले का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों की सहायता करना है।
सिंघई ने कहा, ‘‘देश की रक्षा करने वाले अग्निवीर अपने जीवन के चार सुनहरे साल सेना में बिताते हैं और अक्सर अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। हम चाहते हैं कि सेना में सेवाएं देने के बाद वे अपनी उच्च शिक्षा पूरी करके अच्छा रोजगार हासिल करें और नयी जिंदगी शुरू करें।’’
कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने तय किया है कि यदि पूर्व अग्निवीर संस्थान के संचालित करीब 200 पाठ्यक्रमों में से किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने में सफल होते हैं, तो उन्हें शिक्षण शुल्क (ट्यूशन फीस) में 100 फीसद छूट प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस छूट के लिए कोई संख्या निर्धारित नहीं की गई है और जितने भी पात्र पूर्व अग्निवीर आएंगे, उन सबको इसका लाभ मिलेगा।
कुलगुरु ने स्पष्ट किया कि पात्रता के लिए अग्निवीरों को सेना में चार साल का कार्यकाल पूरा करना अनिवार्य होगा और सेवा के दौरान बर्खास्त किए जाने या किसी अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्थिति में उन्हें शिक्षण शुल्क में छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
सिंघई ने कहा कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय पूर्व अग्निवीरों को प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण देने पर विचार कर सकता है और उनके लिए विशेष पाठ्यक्रम भी तैयार किए जा सकते हैं।
कुलगुरु ने यह भी बताया कि सेना के तीनों अंगों में सेवारत कर्मियों की संतानों को विश्वविद्यालय के शिक्षण शुल्क में 50 प्रतिशत छूट पहले ही दी जा रही है, जबकि शहीद और सेवानिवृत्त सैनिकों की संतानों के लिए इस शुल्क में 100 फीसद छूट का प्रावधान है।
भाषा हर्ष वैभव
वैभव

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