Mandla News: जिला जेल के कैदी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने जेल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप, कहा- परिवार वालों को नहीं दी सूचना
जिला जेल के कैदी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने जेल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप, Mandla: District jail inmate dies during treatment
Bihar Chunav 2025:. Image Source- IBC24 Archive
मंडलाः Mandla News: मध्य प्रदेश के मंडला जिले से जेल प्रशासन की घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है। जिला जेल में निरुद्ध एक कैदी की आज जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों और वकील ने सीधे तौर पर जेल प्रबंधन पर लापरवाही और इलाज के अभाव में मौत होने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय रहते कैदी को उचित इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उसकी जान चली गई। पूरे मामले पर कैदी के परिजन और वकील ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
Mandla News: मंडला जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी अजित पटेल की आज जिला अस्पताल में मौत हो गई। अजीत पटेल नाबालिग से दुराचार के आरोप में वर्ष 2024 से जेल में बंद थे। मौत के बाद उनके परिजनों और वकील ने जेल प्रबंधन पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कैदी की मौत उचित इलाज न मिलने के कारण हुई है। परिजनों का कहना है कि कैदी पिछले कुछ दिनों से बीमार था, लेकिन न तो उन्हें इसकी सूचना दी गई और न ही समय पर उसका इलाज कराया गया। हद तो तब हो गई जब तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, तब भी परिजनों को सूचित नहीं किया गया। कैदी की मौत होने के काफी देर बाद उन्हें सूचना दी गई। परिजनों ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कैदी के वकील ने इस मामले में जेल प्रबंधन की लापरवाही को और पुख्ता करते हुए एक गंभीर दावा किया है। वकील का कहना है कि बीते सप्ताह ही उन्होंने कैदी की बिगड़ती हालत को देखते हुए डाक के माध्यम से न केवल जेल प्रबंधन को पत्र लिखकर उसके उचित इलाज की गुहार लगाई थी, बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर कैदी का मेडिकल इलाज जबलपुर में कराने की मांग की थी। इसके बावजूद जेल प्रबंधन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा कैदी की मौत के रूप में सामने आया। वकील के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से लापरवाही का मामला है और इलाज के अभाव में कैदी ने दम तोड़ा है। वहीं मामले पर उप जेल अधीक्षक का कहना है कि कैदी के इलाज में किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।
कैदी की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की है। कैदी का शव फिलहाल अस्पताल में रखा गया है, जहाँ उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। जिला और पुलिस प्रशासन अब परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रहा है। सवाल यह है कि क्या जेल प्रबंधन ने वाकई समय पर इलाज के लिए गुहार लगाने वाले पत्र को नजरअंदाज किया और क्या इस मौत के पीछे जेल प्रशासन की कोई लापरवाही है…? यह उच्चस्तरीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

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