नटराजन ने रास चुनाव में नामांकन खारिज किए जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दाखिल की
नटराजन ने रास चुनाव में नामांकन खारिज किए जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दाखिल की
जबलपुर, 21 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ मंगलवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर की।
याचिका में कहा गया है कि न्यायालय में लंबित एक प्रकरण की जानकारी छिपाने को आधार बनाकर चुनाव अधिकारी ने नियमों को दरकिनार करते हुए नामांकन निरस्त कर दिया। याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई संभावित है।
उच्च न्यायालय में दायर याचिका में नटराजन की तरफ से कहा गया है कि एक महिला की तरफ से दायर परिवाद की सुनवाई करते हुए तेलंगाना की एक अदालत ने उनके खिलाफ समन जारी किया था।
इसमें कहा गया है कि परिवाद में उनके खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं है और उन्हें सिर्फ प्रतिवादी बनाये जाने के कारण समन जारी किया गया था।
याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव अधिकारी ने नियम विरुद्ध तरीके से उनका नामांकन निरस्त किया है।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट पर हुए चुनाव में शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया था।
इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया था कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फार्म-26 में ‘उक्त न्यायालय परिवाद का उल्लेख नहीं करके अपना शपथ पत्र अपूर्ण प्रस्तुत किया है’।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट ने चुनाव अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन ने अपने खिलाफ तेलंगाना में दर्ज एक मुकदमे का शपथ पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चुनाव अधिकारी ने नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया।
राज्य में तीन सीट पर चुनाव हुए थे, उनमें से दो पर भाजपा की जीत तय मानी जा रही थी जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी था।
भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा था और तीसरी सीट पर मध्यप्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया था।
नामांकन निरस्त किये जाने के खिलाफ नटराजन ने निर्वाचन आयोग के समक्ष भी अपील दायर की थी लेकिन राहत नहीं मिलने के कारण उन्होंने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी।
उच्चतम न्यायालय ने चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ होने के कारण याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए नटराजन को चुनाव याचिका दायर करने की स्वतंत्रता प्रदान की थी।
भाषा सं ब्रजेन्द्र धीरज
धीरज

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