बच्चों के चीनी मांझे से पतंग उड़ाने पर जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं अभिभावक: अदालत
बच्चों के चीनी मांझे से पतंग उड़ाने पर जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं अभिभावक: अदालत
इंदौर, 12 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को चीनी मांझे (नायलॉन का तीखा धागा) पर जारी प्रतिबंध को सख्ती से लागू कराए जाने का निर्देश देते हुए सोमवार को कहा कि अगर कोई बच्चा इस घातक डोर से पतंग उड़ाता पाया जाता है, तो उसके अभिभावक को कानूनन जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
अदालत ने आम लोगों के बीच इस बात के प्रचार का निर्देश भी दिया कि चीनी मांझे की बिक्री या उपयोग पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) (लापरवाहीपूर्ण कृत्य के कारण होने वाली मृत्यु) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने चीनी मांझे के कारण लोगों की मौत और दुर्घटनाओं का पिछले साल 11 दिसंबर को जनहित याचिका के तौर पर खुद संज्ञान लिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि चीनी मांझे की बिक्री रोकने के लिए पहले ही कदम उठाए गए हैं और पतंग की इस डोर से जुड़े हादसों से लोगों को बचाने के लिए कई एहतियाती उपाय भी किए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि चीनी मांझे की बिक्री और इस्तेमाल रोकने के लिए प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रचार अभियान चलाया जाएगा।
इस पर अदालत ने प्रदेश सरकार को विशिष्ट निर्देश दिया कि इस अभियान के तहत प्रकाशित किया जाए कि यदि कोई व्यक्ति चीनी मांझे की बिक्री या उपयोग करता पाया जाता है, तो उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) (लापरवाहीपूर्ण कृत्य के कारण होने वाली मृत्यु) के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।
युगल पीठ ने कहा, ‘‘इस विषय पर भी ध्यान दिया जाए कि यदि कोई नाबालिग बच्चा चीनी मांझे का उपयोग करता पाया जाता है, तो उसके अभिभावक को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।’’
सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के सामने हाजिर इंदौर के जिलाधिकारी शिवम वर्मा ने अदालत को बताया कि उसके इन निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन जल्द से जल्द आवश्यक आदेश जारी करेगा जिसे सभी पड़ोसी जिलों में भी तत्काल प्रसारित किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में पिछले डेढ़ महीने के भीतर कथित तौर पर चीनी मांझे से गला कटने के कारण अलग-अलग घटनाओं में 16 वर्षीय लड़के और 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो चुकी है।
नायलॉन से बना मांझा इतना तीखा होता है कि इससे जानलेवा घाव हो सकता है। जनमानस में ‘चीनी मांझे’ के नाम से मशहूर इस धागे पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद पतंगबाजी के शौकीन अपने प्रतिद्वंद्वियों की पतंग काटने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
भाषा हर्ष सिम्मी
सिम्मी

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