प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश के 13 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया

प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश के 13 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया

प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश के 13 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया
Modified Date: July 17, 2026 / 09:15 pm IST
Published Date: July 17, 2026 9:15 pm IST

भोपाल, 17 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मध्यप्रदेश के 13 पुनर्विकसित ‘अमृत भारत स्टेशन’ राष्ट्र को समर्पित किए।

ये स्टेशन देशभर के उन 75 पुनर्विकसित ‘अमृत भारत स्टेशन’ में शामिल हैं जिनका शुक्रवार को लोकार्पण किया गया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि ‘विरासत भी, विकास भी’ की अवधारणा पर आधारित इन स्टेशनों के पुनर्विकास में स्थानीय संस्कृति, विरासत और स्थापत्य को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ समाहित किया गया है।

मध्यप्रदेश में जिन स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया है, उनमें अशोकनगर, बालाघाट, ब्यौहारी, भिंड, छिंदवाड़ा, हरपालपुर, जुन्नारदेव, एमसीएस छतरपुर, नैनपुर, सांची, शिवपुरी, टीकमगढ़ और विदिशा शामिल हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाले सांची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी स्टेशनों के पुनर्विकास में स्थानीय संस्कृति और आधुनिक वास्तुकला के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया है।

सांची रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, स्थानीय विधायक प्रभुराम चौधरी तथा भोजपुर से विधायक सुरेन्द्र पटवा उपस्थित रहे।

एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह, भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल, विधायक मुकेश टंडन तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

अशोकनगर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी उपस्थित रहे, जबकि शिवपुरी में विधायक देवेन्द्र कुमार जैन कार्यक्रम में शामिल हुए।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुनर्विकसित स्टेशनों पर आधुनिक यात्री सुविधाएं, स्थानीय सांस्कृतिक पहचान तथा विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित किया गया है। इससे क्षेत्रीय पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

भाषा दिमो सिम्मी

सिम्मी


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