सीधी में 1,500 तालाब खोदने का प्रधानमंत्री का दावा ‘झूठा’, पूरे मामले की हो जांच: कांग्रेस
सीधी में 1,500 तालाब खोदने का प्रधानमंत्री का दावा 'झूठा', पूरे मामले की हो जांच: कांग्रेस
भोपाल, 27 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने राज्य के सीधी जिले में करीब 1,500 तालाब खोदे जाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दावे को सोमवार को ‘झूठा’ करार दिया और जनता के सामने सच लाने के लिए इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी में बारिश की हर बूंद को सहेजने के ‘कैच द रेन’ अभियान को जन-आंदोलन बनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश के सीधी जिले में करीब डेढ़ हजार तालाब खोदे गए हैं।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह उर्फ ‘राहुल भैया’ ने एक बयान जारी कर सीधी जिले में लगभग 1500 तालाब खोदने के दावे को पूरी तरह ‘हवा-हवाई’ और ‘हकीकत से परे’ बताया।
उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में एक साथ खेतों में 1500 तालाबों का निर्माण होना बड़ी बात है, लेकिन यदि वास्तव में धरातल पर इतने तालाब बने होते तो सीधी की जनता को कहीं न कहीं दिखाई जरूर देते।
सिंह ने मांग की कि ‘मन की बात’ में प्रचारित किए गए इन सभी 1500 तालाबों की वास्तविक स्थिति, संबंधित ग्राम पंचायत का नाम, उनके निर्माण की तिथि और कुल निर्माण लागत से जुड़े सभी आंकड़े तुरंत सार्वजनिक किए जाएं।
उन्होंने कहा कि जानकारी सार्वजनिक होने से सीधी जिले के ग्रामवासी खुद मौके पर जाकर इन तालाबों के अस्तित्व की सच्चाई देख सकेंगे और सरकार के दावों की असलियत सामने आ सकेगी।
सीधी जिले की चुरहट विधानसभा क्षेत्र से विधायक और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के मानव संसाधन विकास मंत्री रहे अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री के दावों के अनुसार जिले में जमीनी स्तर पर ऐसी कोई बड़ी उपलब्धि नजर नहीं आ रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे अंदेशा होता है कि केवल कागजों पर ही तालाबों की स्वीकृतियां जारी कर दी गईं हैं। बिना कोई वास्तविक निर्माण कार्य किए ही कागजी रिपोर्ट लगाकर पूरा भुगतान हड़प लिया गया है। इस पूरे मामले में भारी भ्रष्टाचार होने की आशंका है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जनता के सामने सच लाने के लिए इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच बेहद जरूरी है।’’
‘मन की बात’ कार्यक्रम में रविवार को मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए कहा था कि गांव हों या शहर, पंचायतें हों या सामाजिक संस्थाएं हर जगह लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी की है।
उन्होंने कहा था कि कहीं पुराने तालाबों से गाद निकाली जा रही है तो कहीं कुओं और बावड़ियों को फिर से जीवन दिया जा रहा है और कहीं बंद पड़े जल स्रोत अब भूजल पुनर्भरण का माध्यम बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने इसी क्रम में कहा, ‘‘मध्यप्रदेश के सीधी जिले में करीब डेढ़ हजार तालाब खोदे गए हैं। नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों को संवारा गया है।’’
महाराष्ट्र के नासिक, छत्तीसगढ़ के कोरबा, ओडिशा के भुवनेश्वर और आंध्र-प्रदेश के विजयनगरम में इस अभियान के उत्साहजनक परिणाम का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बचाई गई हर बूंद, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है।
भाषा ब्रजेन्द्र धीरज
धीरज

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