शह मात The Big Debate: माइंस माफिया ने किया त्रस्त.. CS सख्त चुनौती होगी ध्वस्त! प्रशासनिक सख्ती पर छिड़ी सियासी रार! आखिर कौन बढ़ा रहा तस्करों का हौसला?

माइंस माफिया ने किया त्रस्त.. CS सख्त चुनौती होगी ध्वस्त! प्रशासनिक सख्ती पर छिड़ी सियासी रार! Political controversy erupted over administrative strictness

शह मात The Big Debate: माइंस माफिया ने किया त्रस्त.. CS सख्त चुनौती होगी ध्वस्त! प्रशासनिक सख्ती पर छिड़ी सियासी रार! आखिर कौन बढ़ा रहा तस्करों का हौसला?
Modified Date: May 28, 2026 / 11:39 pm IST
Published Date: May 28, 2026 11:33 pm IST

भोपालः MP Me Mafia एमपी सरकार के प्रशासनिक मुखिया यानी मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की। सीएस कुछ जिलों की टीम से नाराज़ हैं। उनकी नाराज़गी इस बात को लेकर है कि कलेक्टर और एसपी का इक़बाल बुलंद क्यूँ नहीं है? माफियाओं में सरकारी अधिकारियों,कर्मचारियों का खौफ क्यों नहीं है? और माफिया क्यों उन्हें रौंद देता है?

MP Me Mafia महज दिनों पहले बालाघाट से सामने आई माफिया की गुंडागर्दी से जुड़ी ये तस्वीर उस वक्त की है। जब लालबर्रा के पलाकामठी गांव में अवैध रेत परिवहन की पूछताछ करने पुलिस पहुंची तो ट्रैक्टर चालक ने वीडियो बना रहे पुलिसकर्मी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। एमपी के अलग-अलग इलाकों से आ रही ऐसी वारदातों के चलते सीएस खफा हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि कलेक्टर्स सख्त एक्शन लें।

सीएस अनुराग जैन ने जहां सख्ती दिखा रहे हैं। वहीं विपक्ष को ये नाकाफी लग रहा है। उसने प्रशासनिक अक्षमता का सीधा आरोप लगाया। इधर बीजेपी ने ट्रांसपेरेंसी और सुशासन की कवायद का दावा करते हुए माफिया के खिलाफ सख्त एक्शन की बात कही। बैठक, फटकार, सख्ती का संदेश यहां तक बात ठीक है, लेकिन सवाल ये कि अवैध खनन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की फटकारों के बावजूद स्थानीय प्रशासन माफिया के मन में दहशत क्यों नहीं पैदा कर पा रहा है? सवाल ये कि क्या एमपी के कलेक्टर और एसपी भी माफियाओं से खौफ़ खाते हैं? सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या सी एस और DGP की इस फटकार के बाद जिले के कलेक्टर और एसपी, माफियाओं के सामने अपना इकबाल बुलंद कर पाएंगे?

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।