Politics on Quran-Geeta: अब कुरान के साथ गीता भी पढ़ेंगे मदरसों के बच्चे! ADG के बयान पर गरमाई सियासत, कांग्रेस बोली- वो पहले कानून पर ध्यान दें

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Politics on Quran-Geeta: अब कुरान के साथ गीता भी पढ़ेंगे मदरसों के बच्चे! ADG के बयान पर गरमाई सियासत, कांग्रेस बोली- वो पहले कानून पर ध्यान दें

Politics on Quran Geeta. Image Source- IBC24 Archive


Reported By: Naveen Singh,
Modified Date: January 28, 2026 / 03:57 pm IST
Published Date: January 28, 2026 3:56 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मध्य प्रदेश के मदरसों में कुरान के साथ गीता पढ़ाने के सुझाव पर सियासी विवाद
  • ADG राजा बाबू सिंह के बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
  • मदरसा संचालकों ने धार्मिक स्वतंत्रता और व्यवहारिक पहलू पर जताई आपत्ति

भोपाल। Politics on Quran Geeta मध्य प्रदेश के मदरसों में कुरान के साथ गीता पढ़ाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। यह विवाद राज्य के ADG राजा बाबू सिंह के एक बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने मदरसों में गीता के पाठ की नसीहत दी थी। बयान सामने आते ही राजनीतिक दलों और मदरसा संचालकों की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

Politics on Quran Geeta मदरसा संचालकों ने इस सुझाव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक ग्रंथ को पढ़ाने से पहले उसका स्वयं पालन जरूरी है। एक मदरसा संचालक ने कहा कि पहले मैं खुद गीता का अनुसरण करूंगा, उसके बाद बच्चों को गीता के बारे में बताऊंगा।” वहीं, भाजपा की ओर से विधायक रामेश्वर शर्मा ने ADG के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि जब मदरसों में हिंदू बच्चों को बुलाकर उर्दू पढ़ाई जा सकती है, तो गीता पढ़ाने पर आपत्ति क्यों। उन्होंने इसे आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक समन्वय से जोड़कर देखा।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन को घेर लिया है। कांग्रेस नेता अब्बास हफीज ने पलटवार करते हुए कहा कि ADG राजा बाबू सिंह को मदरसों की चिंता छोड़कर कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार का उद्देश्य धार्मिक ग्रंथ पढ़ाना है, तो फिर सभी धर्मों के ग्रंथ हर शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाए जाने चाहिए। उन्होंने इसे चयनात्मक और राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित करार दिया।

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