Reported By: Dhanendra Pratap Singh
,Rewa Lokayukta Action: डिप्टी रेंजर के बाद जल संसाधन विभाग का बाबू रिश्वत लेते धराया, लोकायुक्त ने रंगे हाथ दबोचा, जानें किस काम के बदले ले रहा था घूस /image: IBC24
रीवा। Rewa Lokayukta Action: एमपी में भ्रष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। कल रीवा लोकायुक्त (Rewa Lokayukta) ने वन विभाग के एक कार्यवाहक डिप्टी रेंजर को 78 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों धरदबोचा था। वहीं आज फिर एक और अधिकारी लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गया। जानकारी के अनुसार, रीवा में लोकायुक्त पुलिस ने आज जल संसाधन विभाग के एक बाबू को 7 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी इससे पहले भी अंत्येष्टि सहायता राशि जारी कराने के नाम पर 5 हजार की रिश्वत ले चुका था।
मामला रीवा जिले के जल संसाधन विभाग का है। सोहागी निवासी शिकायतकर्ता मोनू नापित ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता राम सुचित नापित, जो जल संसाधन विभाग में चौकीदार के पद पर पदस्थ थे, उनका कैंसर से निधन हो गया था। इसके बाद शासन से मिलने वाली 1 लाख 25 हजार की अंत्येष्टि सहायता राशि जारी कराने के एवज में विभाग के बाबू रामवरण मिश्रा ने 5 हजार की रिश्वत ली थी। आरोपी इससे पहले भी अंत्येष्टि सहायता राशि जारी कराने के नाम पर 5 हजार की रिश्वत ले चुका था। पूरी कार्रवाई जल संसाधन विभाग के कार्यालय रीवा में की गई।
Rewa Lokayukta Action शिकायतकर्ता का आरोप था कि अब पेंशन की फाइल आगे बढ़ाने के लिए आरोपी बाबू 7 हजार की और रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।
Rewa Lokayukta Action योजना के तहत जल संसाधन विभाग के कार्यालय में कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने आरोपी बाबू रामवरण मिश्रा को 7 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रीवा में लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल आरोपी बाबू से पूछताछ जारी है और लोकायुक्त की टीम मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
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