Satna Wedding Viral Video : दहेज को ‘ना’ और सादगी को ‘हां’! घोड़े पर नहीं इस अनोखे तारीखे से ब्याह रचाने पहुंचे दूल्हे, देखें 101 जोड़ों की शादी का अनोखा नज़ारा
मध्य प्रदेश के सतना में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 101 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। ई-रिक्शा में निकली अनोखी बारात इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही।
Satna Wedding Viral Video / Image SOURE : IBC24
- सतना में 101 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न
- पहली बार ई-रिक्शा में निकली अनोखी बारात
- विवाह और निकाह दोनों विधियों से हुआ आयोजन
सतना : Satna Wedding Viral Video मध्य प्रदेश के सतना ज़िले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आज सतना शहर में एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्यंकट क्रमांक-2 के मैदान में संपन्न हुआ, जिसमें कुल 101 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस आयोजन की सबसे खास और ऐतिहासिक पहल यह रही कि पहली बार एक नवाचार करते हुए बारात निकाली गई।
दहेज प्रथा और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने पर बढ़ावा
कार्यक्रम को लेकर नगर निगम महापौर योगेश ताम्रकार ने बताया कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। MP e-rickshaw baraat इसके माध्यम से दहेज प्रथा और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के साथ ही सामाजिक समरसता और महिला सम्मान को बढ़ावा मिलता है। बारात डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर उत्साह के साथ विवाह स्थल तक पहुंची, जिसमें शहर के जनप्रतिनिधि और वर पक्ष के परिजन भी शामिल होकर इस पहल के साक्षी बने।
Satna wedding event ई-रिक्शा में सवार होकर निकली बारात
यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा और महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश देता नजर आया। इसके बाद पारंपरिक अंदाज के साथ आधुनिक स्वरूप में दूल्हों की बारात भी निकाली गई। सभी वर पक्ष के लोग ‘व्यंकटेश लोक’ से तैयार होकर ई-रिक्शा में सवार होकर डीजे की धुन पर बारात के रूप में विवाह स्थल तक पहुंचे। इस अनोखी पहल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। राज्य मंत्री, सांसद, महापौर सहित शहर के कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
विवाह और निकाह दोनों हुआ पूरा
समारोह में विभिन्न धर्मों और समुदायों के रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह एवं निकाह की सभी आवश्यक विधियां संपन्न कराई गईं, जिससे यह आयोजन सामाजिक एकता का प्रतीक बना। उल्लेखनीय है कि इस सामूहिक विवाह के लिए आवेदन प्रक्रिया 24 मार्च से शुरू होकर 15 अप्रैल तक चली थी, जिसके बाद पात्र जोड़ों का चयन किया गया। यह आयोजन न केवल नवदंपतियों के जीवन की नई शुरुआत का साक्षी बना, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी दिया।
इन्हें भी पढ़ेंः-
- Indore Weather News : तपती गर्मी के बीच मौसम ने ली करवट, इस ज़िले में ओलावृष्टि से लुढ़का पारा, 4 दिनों तक मिलेगी राहत
- India Census 2026 News : स्वगणना पोर्टल बंद! अब ऐसे होगी जनगणना, मकानों के साथ इन चीज़ों की भी होगी गिनती, जानिए क्या बदलेगा?
- Ujjain Human Trafficking Suspicion : आधी रात एक्सप्रेस में पुलिस का बड़ा एक्शन! इस वजह से ट्रेन से उतारे गए 44 किशोर, जांच में सामने आए चौंकाने वाले राज़

Facebook


