Student Online Attendance: शिक्षकों के बाद अब स्कूली छात्रों की भी हाजिरी होगी ऑनलाइन, हर दिन विभाग तक पहुंचेगी जानकारी, सभी DEO को आदेश जारी

शिक्षकों के बाद अब छात्रों का होगा ऑनलाइन अटेंडेंस, हर दिन विभाग तक पहुंची जानकारी, Student Online Attendance System Implemented in MP

Student Online Attendance: शिक्षकों के बाद अब स्कूली छात्रों की भी हाजिरी होगी ऑनलाइन, हर दिन विभाग तक पहुंचेगी जानकारी, सभी DEO को आदेश जारी
Modified Date: August 9, 2026 / 05:33 pm IST
Published Date: August 9, 2026 5:06 pm IST

भोपाल। Student Online Attendance मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों की भी ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज की जाएगी। स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

DPI के आदेश के अनुसार कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की रोजाना ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति अब ‘एजुकेशन पोर्टल 3.0’ के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। शिक्षकों को पोर्टल पर ‘स्टूडेंट मैनेजमेंट’ के अंतर्गत दिए गए ‘स्टूडेंट अटेंडेंस’ विकल्प का इस्तेमाल करना होगा। इसके माध्यम से प्रत्येक छात्र की स्थिति ‘प्रेजेंट’, ‘एब्सेंट’ या ‘ऑन लीव’ के रूप में दर्ज की जाएगी।

लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों पर होगी निगरानी (Student Online Attendance System)

Student Online Attendance शिक्षा विभाग ने स्कूलों को लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं। यदि कोई छात्र लगातार कक्षाओं से अनुपस्थित रहता है तो स्कूल प्रबंधन उसके माता-पिता या अभिभावकों से संपर्क करेगा। साथ ही छात्र को नियमित रूप से स्कूल भेजने और कक्षाओं में वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि ऑनलाइन अटेंडेंस से विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी। साथ ही लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की पहचान कर समय रहते उनके अभिभावकों से संपर्क किया जा सकेगा।

ये भी पढ़ें


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।