मध्यप्रदेश कांग्रेस सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 25 सितंबर को प्रदर्शन करेगी

Ads

मध्यप्रदेश कांग्रेस सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 25 सितंबर को प्रदर्शन करेगी

  •  
  • Publish Date - September 24, 2026 / 06:05 PM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 06:05 PM IST

भोपाल, 24 सितंबर (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए शुक्रवार को प्रदर्शन करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पटवारी ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव करेगी और जिलाधिकारी कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने कहा कि जब तक कुमार इस्तीफा नहीं देते और उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज नहीं होता, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।

पटवारी ने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि प्रत्येक मतदाता के अधिकार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़ा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एसआईआर प्रक्रिया की सराहना करने के बारे में पूछे जाने पर पटवारी ने कहा, “ट्रंप उन्हें (कुमार को) अमेरिका ले जा सकते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति के दबाव में फैसले ले रहे हैं।

नये मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलाव पर सवाल उठाते हुए पटवारी ने पूछा कि यह किस प्रक्रिया और कानूनी प्रावधान के तहत किया गया, इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए।

उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी एक खबर का भी हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया है कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची से संबंधित फैसलों, जिनमें मतदाता पंजीकरण, नाम हटाना और चुनाव संबंधी आंकड़ों तक पहुंच शामिल है, पर कई मौकों पर आपत्ति दर्ज कराई थी।

पटवारी ने एसआईआर के दौरान मध्यप्रदेश की मतदाता सूची में हुए बदलावों पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, “प्रकिया शुरू होने से पहले मध्यप्रदेश में 5,74,06,143 पंजीकृत मतदाता थे, जबकि 5,31,31,983 गणना फॉर्म प्राप्त हुए और उनका डिजिटलीकरण किया गया। दिसंबर 2025 में जारी मसौदा मतदाता सूची से कुल 42,74,160 नाम बाहर किए गए।”

पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम रूप से हटाए गए नामों की संख्या नहीं थी, क्योंकि बाद में दावे और आपत्तियों पर विचार किया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष 21 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 5,39,81,065 मतदाता थे यानी अंतिम प्रक्रिया में 34,25,078 नाम हटाए गए।

उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान नाम शामिल करने के लिए करीब 7.17 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जबकि करीब 83,000 आपत्तियां नाम हटाने के अनुरोध के साथ दाखिल की गईं।

पटवारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग को अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 34.25 लाख नामों का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद कितने नाम बहाल किए गए।

उन्होंने नाम बहाल करने संबंधी आवेदनों को स्वीकार या खारिज करने के कारणों का खुलासा करने तथा डिजिटल निर्वाचन प्रणाली में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और बूथ स्तर के अधिकारियों की भूमिका का ऑडिट ट्रेल उपलब्ध कराने की मांग की।

निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में किए गए बदलावों के तहत चयन समिति में प्रधान न्यायाधीश की जगह केंद्रीय गृह मंत्री को शामिल किया गया।

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को अपनी राज्य इकाइयों को 25 सितंबर को संबंधित राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का निर्देश दिया। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार की तत्काल गिरफ्तारी, उन्हें पद से हटाने तथा उनके कार्यकाल में लिए गए सभी फैसलों और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।

भाषा

दिमो राजकुमार पारुल

पारुल