Karam dam: कारम डेम मामले को लेकर खतरा अभी टला नहीं

कारम डेम मामले को लेकर खतरा अभी टला नहीं, सीएम लगातर कर रहे मॉनिटरिंग, विपक्ष ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

Karam dam: कारम डेम मामले को लेकर खतरा अभी टला नहीं, सीएम लगातर कर रहे मॉनिटरिंग, विपक्ष ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

Edited By: , August 14, 2022 / 10:54 AM IST

Karam dam: धार/भोपाल। धार के कारम डेम को लेकर मामला फंसा हुआ है। डैम से हो रहे रिसाव के कारण खतरा बढ़ता ही जा रहा है। तो वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान लगातार मॉनिटरिंग कर रहे है। सीएम ने धार और खरगोन प्रशासन सहित इंदौर संभाग के आईजी कमिश्नर के साथ निर्माणाधीन डैम पर मौजूद प्रशासन ,तकनीकी जानकर से स्थिति का जायजा ले रहे है। साथ ही डैम से निकाले जा रहे पानी की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही सीएम ने सुबह मौके पर उपस्थित मंत्रियों से स्थिति की जानकारी ली है। और प्रशासन को राहत केंद्रों में रह रहे लोगो की समुचित व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दिए है। डेम पर मौजूद जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भी लगातार स्थिति का जाएजा ले रहे है। इस दौरान उन्होंने कहा कि खतरा अभी टला नहीं है। अब तक डैम का 20 सेंटीमीटर वाटर लेवल कम हुआ है। 3 से 4 चार MCM पानी कम होगा तब राहत मिलेगी और खतरा थोड़ा कम होगा। इसके अलावा लगातार वाटर चैनल की गहराई और चौड़ाई को और बढ़ाया जाएगा।

ये भी पढ़ें- हम भी हैं जोश में…! पुलिस जवानों की तिरंगा रैली को सीएम शिवराज दिखाएंगे हरी झंडी, समीक्षा बैठक में होंगे शामिल

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा डैम

Karam dam: धार जिले के कारम डैम से पानी का रिसाव रोकने के लिए सेना ने कमान संभाल ली है। वहीं प्रशासनिक टीम भी मुस्तैद है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद लगातार नजर रखे हुए हैं। वे खुद पल-पल की अपडेट ले रहे है। इसी बीच राहत बचाव का कार्य भी जारी है। लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए जा रहे है। इसके अलावा डैम से रिसाव को रेकने के लिए टीम अथक प्रयास कर रही है। जिसपर सीएम खुद अपनी नजर बनाए हुए है। इसी बीच कारम डैम से पानी रिसाव पर मध्यप्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता अरुण यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- ई टेंडर ने कर दिया कमाल, भ्रष्ट नेता-अधिकारी हो गए मालामाल। धार के कारम नदी पर बने 300 करोड़ से नवनिर्मित बांध भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है, क्योंकि ई-टेंडर घोटाले में ED अनुसार करोड़ों रुपए की घूस अधिकारियों ने ली थी।

IBC24 की अन्य बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करें