जबलपुर, 21 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा कस्बे में हिंदू और मुस्लिम समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प का कारण किसी एक धर्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर हुआ विवाद था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
हिंसा बृहस्पतिवार रात लगभग 10 बजे आजाद चौक के पास भड़क उठी, जहां एक दुर्गा मंदिर और एक मस्जिद आमने-सामने हैं।
सूत्रों ने बताया कि विवाद तब शुरू हुई जब मंदिर में आरती हो रही थी और उसी समय मस्जिद में रमजान की नमाज पढ़ी जा रही थी।
पुलिस महानिरीक्षक (जबलपुर जोन) प्रमोद वर्मा ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘दोनों समुदायों के सदस्यों ने पहले यह सहमति बनाई थी कि जब किसी एक स्थल पर पूजा या धार्मिक सेवा चल रही हो, तो वे लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं करेंगे, लेकिन यह सहमति किसी एक पक्ष ने तोड़ी। लाउडस्पीकर की आवाज के कारण विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों के बीच पथराव हो गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हमने दोनों धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटा दिए हैं।’’
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग और निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि पर रोक लगाने संबंधी राज्य सरकार के दिसंबर 2023 के आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह अधिसूचना 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री मोहन यादव के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद जारी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, सिहोरा में सांप्रदायिक तनाव के बाद शनिवार को शांति बनी रही। शहर में लगभग 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिनमें कुछ के पास दंगाइयों से निपटने का विशेष उपकरण है, और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया गया।
पुलिस ने बताया कि पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं के सिलसिले में अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जबलपुर जिले के संवेदनशील इलाकों के साथ-साथ पड़ोसी जिले कटनी और सिवनी में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
वर्मा ने कहा, “सिहोरा में स्थिति शांतिपूर्ण है और पूरी तरह नियंत्रण में है। अब तक 60 लोगों की गिरफ्तारी हुई है और पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।”
उन्होंने बताया कि एक मामला बृहस्पतिवार रात दर्ज किया गया, तीन मामले शुक्रवार को और एक शनिवार को दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।
उसने बताया कि मुख्य मामले में मंदिर को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार 49 लोगों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि अन्य मामले एक मज़ार को अपवित्र करने, एक फल विक्रेता की ठेली को नुकसान पहुंचाने, एक मुस्लिम महिला के घर पर रखे तेंदू पत्तों को जलाने और बिजली मीटर को नुकसान पहुंचाने से संबंधित हैं।
सिहोरा निवासी डॉ. संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को बाजार खुल गए और कस्बे में शांति बनी रही।
भाषा सं दिमो खारी
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