Vande Bharat: SIR पर MP-CG में फिर आर-पार! फाइनल मतदाता सूची पर गरमाई सियासत, यहां देखें कहां बढ़ी और कहां घटी वोटरों की संख्या?

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SIR पर MP-CG में फिर आर-पार! फाइनल मतदाता सूची पर गरमाई सियासत, Politics in MP-CG over SIR

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 11:50 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 11:50 PM IST

रायपुर/भोपालः Vande Bharat: कई तरह के विवादों और जद्दोजहद के बाद आखिरकार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के तहत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो गई। 4 महीने तक चली प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ में जहां करीब 25 लाख वोटर्स के नाम कटे। SIR शुरू होने से पहले प्रदेश में 2 करोड़ 12 लाख से ज्यादा मतदाता थे, लेकिन अब 1 करोड़ 87 लाख के करीब मतदाता बचे हैं। वही मध्यप्रदेश में 34.25 लाख नाम वोटर लिस्ट से घट गए। यहां SIR से पहले 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 मतदाता पंजीकृत थे, लेकिन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद मध्यप्रदेश में 5 करोड 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता बचे।

4 महीनों के अभियान के बाद जारी आंकड़ों ने प्रदेश में मतदाताओं की तस्वीर बदल दी है। छत्तीसगढ़ में जिलेवार देखें तो सबसे ज्यादा वोटर्स 4 लाख 98 हजार 556 वोटर्स रायपुर जिले से कटे हैं. इसके बाद बिलासपुर जिले में 3 लाख 34 हजार 516, दुर्ग में 2 लाख 7 हजार 660, कोरबा में 1 लाख 33 हजार 268, बलौदाबाजार जिले में 1 लाख 08 हजार 616, महासमुंद में 89549, बेमेतरा जिले में 76733, सरगुजा में 72670, रायगढ़ में 71974, जशपुर में 65165 वोटर्स के नाम कटे हैं। दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में जिलेवार आंकड़े की बात करें तो SIR के बाद भोपाल जिले में 3.80 लाख वोटर्स घट गए..इसी तरह इंदौर जिले में 3.90 लाख, ग्वालियर में 2.20 लाख और जबलपुर जिले में करीब 2 लाख वोटर्स के नाम कट गए।

शुरू हुई सियासत

छत्तीसगढ़ और एमपी में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। लेकिन इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि SIR की आड़ में SC-ST और अल्पसंख्यकों का नाम काटा जा रहा है तो बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस को किसी भी संवैधानिक संस्था पर भरोसा क्यों नहीं है? इधर एमपी में SIR के बाद करीब 43 लाख वोटर्स के नाम कट गए हैं। इस पर मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने PC कर जानकारी दी है यानी एक तरफ विपक्ष लगातार SIR का विरोध कर रहा है और आरोप लगा रहा है कि इसमें कांग्रेस समर्थित वोटर्स को टारगेट कर उनके नाम काटे जा रहे हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी ने कहा है कि अगर ऐसा है तो कांग्रेस दावा आपत्ति क्यों नहीं करती? केवल राजनीति करती है, लेकिन एक बात तो साफ है कि SIR के बाद हर विधानसभा क्षेत्र में मृत, माइग्रेटेड और डबल वोटर का नाम तो सूची से हट ही गया।

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