उज्जैन (मध्यप्रदेश), 27 जून (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को नसीहत दी कि उन्हें दर्जन भर विभागों की जिम्मेदारी अपने पास रखने से बचना चाहिए नहीं तो किसी दिन फंस जाएंगे।
यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री यादव एक मिल मजदूर के बेटे हैं परंतु वह यदि गड़बड़ी करेंगे तो उन्हें बख्शा भी नहीं जाएगा।
कांग्रेस ने अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री यादव पर उज्जैन में कथित तौर पर जमीन घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसे ‘महाकाल’ की जमीन की लूट’ करार दिया था और मुख्यमंत्री यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की है।
इसी मुद्दे पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मोहन यादव जी, आपने 12-12 विभाग अपने पास रख रखे हैं। बहुत गलती कर रहे हो… फंस जाओगे। गलती करेगा अधिकारी, पैसा खाएगा अधिकारी और फंसोगे आप।’’
मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास वर्तमान में सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, एवं ऐसे अन्य समस्त विभाग हैं जो किसी अन्य मंत्री को न सौंपा गया है।
सिंह ने कहा कि वह भी 10 साल तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन कभी उन पर कोई आरोप नहीं लगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि मंत्री) ने एक-एक फाइल ढूंढी लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।
उन्होंने कहा, “मोहन यादव जी आप भी उसकी जांच कर लें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि मेरे पास कोई विभाग ही नहीं था।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि इसमें इनकी कौन-कौन सी कंपनियां हैं और कौन-कौन लोग इनके इस कथित भूमि घोटाले में शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैं तो मोहन यादव जी को राय-मशविरा देने के लिए आया हूं। ऐसा मत करो! आप एक मिल मजदूर के बेटे हो। मुख्यमंत्री बने हो, नाम कमाओ! पैसा जो कमा रहे हो न, जिसका हिसाब पता नहीं किस-किस को देना पड़ रहा है आपको। हमारी सहानुभूति है इस मामले में।’’
सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पर यदि आरोप लगते हैं तो “हम लोग आपको बख्शेंगे नहीं”।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मत समझना कि हमको आप खरीद लोगे। हम कोई बिकाऊ माल नहीं हैं, हम टिकाऊ माल हैं। बिकाऊ माल जो था, गया भाजपा में। ये सब कांग्रेसी जो यहां बैठे हैं, सब टिकाऊ माल हैं। लड़ाई लड़ने के लिए हम तैयार हैं और लड़ाई लड़ेंगे।’’
भाषा सं. ब्रजेन्द्र
रंजन प्रशांत
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