जबलपुर, 22 मई (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को नोएडा निवासी त्विषा शर्मा की मौत के मामले में उसकी सास और पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया।
त्विषा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा और मध्यप्रदेश सरकार ने भोपाल की एक अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की हैं।
न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकल पीठ ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख तय की है।
इससे पहले, बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश पुलिस ने गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया था।
एक आधिकारिक सर्कुलर में कहा गया कि मध्यप्रदेश सरकार ने यह तय करने के लिए जांच शुरू कर दी है कि क्या सिंह उपभोक्ता अदालत की अध्यक्ष बनी रह सकती हैं।
भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उन्हें (बयान दर्ज करने के लिए) तीसरा और आखिरी नोटिस जारी किया गया है। अगर वह सहयोग नहीं करती हैं तो हम उनकी जमानत रद्द करने के लिए सत्र अदालत का रुख करेंगे।’’
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें इस मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस पोस्ट और व्हाट्सएप के जरिए दिया गया था।
सूत्रों ने कहा कि पिछले दो मौकों पर जब नोटिस दिए गए थे, तो वह अपने आवास पर नहीं मिलीं।
त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी। उसके परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया, जबकि सिंह परिवार ने दावा किया कि वह ड्रग्स की आदी थी।
पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
भाषा ब्रजेन्द्र राजकुमार
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