Reported By: Pavan Kaurav
,Narsinghpur Road Accident pre-planned murder || Image- ibc24 NEWS
नरसिंहपुर: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 19 जुलाई को हुए भीषण सड़क हादसे का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआत में जिस घटना को सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, वह अब सुनियोजित हत्या निकली है। (Narsinghpur Road Accident pre-planned murder) पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया हाईवा डम्पर, एक महिंद्रा थार, एक टोयोटा फॉर्च्यूनर और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
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यह घटना सुआतला थाना क्षेत्र के इंद्रानगर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई थी। सड़क किनारे खड़े 6-7 लोगों को तेज रफ्तार हाईवा ने कुचल दिया था। हादसे में राजेंद्र पटेल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक व्यक्ति अभी भी अस्पताल में भर्ती है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और सबूत जुटाने शुरू किए।
जांच के दौरान सड़क पर अंग्रेजी का ‘A’ अक्षर वाला टूटा हुआ मोनोग्राम मिला। इससे पुलिस को शक हुआ कि वारदात में टाटा कंपनी का कोई भारी वाहन इस्तेमाल हुआ है। यही सुराग आगे चलकर पूरे मामले का सबसे अहम सबूत बना। इसके बाद पुलिस ने शाहपुरा से घटनास्थल तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हीरापुर-बंदरोहा के जंगलों तक पहुंची, जहां से वारदात में इस्तेमाल किया गया हाईवा डम्पर बरामद किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने राजा पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक राजेंद्र पटेल और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी दुश्मनी के चलते हत्या की पूरी साजिश रची गई थी। (Narsinghpur Road Accident pre-planned murder) पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार राजेंद्र पटेल की गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखे हुए थे। घटना वाले दिन भी मोबाइल फोन के जरिए उनकी लोकेशन मुख्य आरोपी तक पहुंचाई गई। इसके बाद पहले से तय योजना के अनुसार हाईवा से कुचलकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने दो हाईवा अलग-अलग रास्तों पर पहले से खड़े कर रखे थे। जैसे ही राजेंद्र पटेल की लोकेशन मिली, उसी रास्ते पर हाईवा भेजकर वारदात को अंजाम दिया गया। हत्या के बाद पूरे मामले को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने पहले भरत पटेल और अनिल पटेल को गिरफ्तार किया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और जंगल में चलाए गए सर्च अभियान के आधार पर मुख्य आरोपी आनंद पटेल, अनुज पटेल, अरविंद पटेल, नरेंद्र ठाकुर और अमित खरे सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि सभी आरोपियों की अलग-अलग भूमिका थी। किसी ने मृतक की लोकेशन बताई, किसी ने निगरानी की, जबकि कुछ लोगों ने वारदात के बाद आरोपियों को छिपाने और सबूत मिटाने में मदद की।
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पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हाईवा डम्पर, महिंद्रा थार, टोयोटा फॉर्च्यूनर और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। (Narsinghpur Road Accident pre-planned murder) पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
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