ट्विशा शर्मा मौत मामले में फरार पति ने अग्रिम जमानत के लिए जबलपुर उच्च न्यायालय का रुख किया

ट्विशा शर्मा मौत मामले में फरार पति ने अग्रिम जमानत के लिए जबलपुर उच्च न्यायालय का रुख किया

ट्विशा शर्मा मौत मामले में फरार पति ने अग्रिम जमानत के लिए जबलपुर उच्च न्यायालय का रुख किया
Modified Date: May 21, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: May 21, 2026 7:18 pm IST

जबलपुर, 21 मई (भाषा) दहेज के लिए कथित प्रताड़ना के बाद पिछले सप्ताह मृत पाई गईं ट्विशा शर्मा के फरार पति समर्थ सिंह ने निचली अदालत से कोई राहत नहीं मिलने के बाद बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।

जमानत याचिका में दावा किया गया है कि उनका परिवार जांच टीम के साथ लगातार सहयोग कर रहा है इसलिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है।

अपने भाई सिद्धार्थ सिंह द्वारा एकल पीठ के समक्ष दायर विविध आपराधिक मामले (एमसीआरसी) में, याचिकाकर्ता ने दावा किया कि अभियोजन की पूरी कहानी कल्पना और अनुमानों पर टिकी है और हर मामले में महत्वपूर्ण सामग्री पहले ही जब्त की जा चुकी है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद से फरार आवेदक ने अपनी 69 पन्नों की याचिका में दावा किया कि वह और उनकी मां आज तक जांच में सहयोग कर रहे हैं।

फरार आरोपी ने उच्च न्यायालय का रुख तब किया जब भोपाल में मजिस्ट्रेट अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह को राहत दे दी। मामले में दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम भी है।

मॉडल एवं अभिनेत्री ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। ट्विशा (33) के परिवार ने उनके ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित कर मौत के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। वहीं, सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशीले पदार्थों की आदी थीं।

पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वाले के लिए नकद इनाम की घोषणा की है। साथ ही पुलिस ने उसका पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए अदालत का रुख किया है।

अपने आवेदन में, फरार आरोपी ने दावा किया कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत व्हाट्सएप चैट संपादित और अधूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्हाट्सएप चैट के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।

समर्थ ने ट्विशा को भेजे गए पैसों के संबंध में स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए और दावा किया कि उनकी ओर से दहेज उत्पीड़न के आरोप बहुत निराशाजनक हैं।

समर्थ के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में आरोप लगाया कि इस घटना के बाद ‘सहानुभूति की लहर’ बटोरने के लिए ट्विशा के परिजनों की ओर से नयी कहानी प्रस्तुत की जा रही है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि परिवार में ट्विशा, उसकी सास और पति साथ रहते थे और आपस में उनके संबंध बहुत अच्छे थे। उन्होंने कहा कि उनकी नयी शादी थी और दोनों अलग-अलग संस्कारों से आए थे, इसलिए छोटी-मोटी नोकझोंक हो जाया करती थी, जैसा कि हर पति-पत्नी के बीच होती है।

उन्होंने कहा कि नयी-नयी शादी के बाद परिवार के साथ तालमेल बिठाने में कुछ समय लगता है।

मृगेंद्र सिंह ने आरोपी पक्ष के दावों का हवाला देते हुए कहा कि शादी के बाद ट्विशा पांच बार मायके गई और जब भी लौटी उसका रवैया बहुत बदल जाता था।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का भी आवेदन अदालत में प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने कहा कि अदालत शुक्रवार को और उसके बाद सोमवार को इस मामले की सुनवाई कर सकती है। उन्होंने पुलिस द्वारा समर्थ सिंह की सूचना देने वाले के लिए इनाम घोषित किए जाने को गलत कदम बताया और कहा कि अदालत द्वारा वारंट जारी किए बिना अगर इस तरह से इनाम घोषित किया जाए तो फिर अग्रिम जमानत के प्रावधान का औचित्य ही खत्म हो जाता है।

अधिवक्ता ने कहा कि कानून में अग्रिम जमानत का प्रावधान इसलिए है ताकि अगर किसी को झूठा फंसाया जा रहा हो तो वह न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत सके।

ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की उसके परिजनों की मांग पर मृगेंद्र ने कहा कि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान ही नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह भी कहना चाहूंगा कि भोपाल एम्स में जो पोस्टमार्टम हुआ, उसमें कोई त्रुटि नहीं है। सहानुभूति की लहर पाने के लिए यह सब किया जा रहा है। उसके शव को पंचतत्व में विलीन होने से भी रोका जा रहा है। इसकी मैं भर्त्सना करता हूं।’’

भाषा ब्रजेन्द्र रवि कांत अविनाश

अविनाश

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