ट्विशा शर्मा मौत मामले में फरार पति ने जबलपुर उच्च न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी

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ट्विशा शर्मा मौत मामले में फरार पति ने जबलपुर उच्च न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 03:45 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 03:45 PM IST

जबलपुर, 21 मई (भाषा) दहेज के लिए कथित प्रताड़ना के बाद पिछले सप्ताह मृत पाई गईं ट्विशा शर्मा के फरार पति समर्थ सिंह ने जबलपुर उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की है। ट्विशा के पति समर्थ के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

सिंह ने कहा कि चूंकि भोपाल की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, इसलिए उसने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इसी मामले में मजिस्ट्रेट अदालत ने समर्थ सिंह की मां एवं सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी।

मॉडल एवं अभिनेत्री 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं।

ट्विशा के परिवार ने उनके ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित कर उन्हें मौत के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। वहीं, सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशीले पदार्थों की आदी थीं।

पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) तथा दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 10 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। साथ ही पुलिस ने उसका पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए अदालत का रुख भी किया है।

मृगेंद्र सिंह ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि ट्विशा ने 12 मई की रात अपने ससुराल में छत पर जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और कोई सुसाइड नोट भी नहीं छोड़ा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद ‘सहानुभूति की लहर’ बटोरने के लिए ट्विशा के परिजनों की ओर से नई कहानी प्रस्तुत की जा रही है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।

मृगेंद्र सिंह ने कहा कि परिवार में ट्विशा, उसकी सास और पति साथ रहते थे और आपस में उनके बहुत अच्छे संबंध थे।

उन्होंने कहा कि नई-नई शादी हुई थी और दोनों अलग-अलग संस्कारों से आए थे, इसलिए छोटी-मोटी नोकझोंक हो जाया करती थी, जैसा कि हर पति-पत्नी में होती है।

उन्होंने कहा कि नयी-नयी शादी के बाद परिवार के साथ तालमेल बिठाने में कुछ समय लगता है।

मृगेंद्र सिंह ने आरोपी पक्ष के दावों का हवाला देते हुए कहा कि शादी के बाद ट्विशा पांच बार मायके गई और जब भी लौटी उसका रवैया बहुत बदल जाता था।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत से इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का भी आवेदन प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि अदालत शुक्रवार को फिर सोमवार को इस मामले की सुनवाई कर सकती है।

उन्होंने पुलिस द्वारा समर्थ सिंह की सूचना देने वाले के लिए इनाम घोषित किए जाने को ग़लत बताया और कहा कि वगैर कोर्ट के वारंट जारी किए अगर इस तरह से इनाम घोषित किया जाए तो फिर अग्रिम जमानत के प्रावधान का औचित्य ही खत्म हो जाता है।

अधिवक्ता ने कहा कि कानून में अग्रिम जमानत का प्रावधान इसलिए है कि ताकि अगर किसी को झूठा फंसाया जा रहा हो तो वह न्यायालय के दरवाजे में आवेदन प्रस्तुत सके।

ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की उसके परिजनों की मांग पर मृगेंद्र ने कहा कि ऐसा कोई कानूनी प्रावधान ही नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह भी कहना चाहूंगा कि भोपाल एम्स में जो पोस्टमार्टम हुआ है, उसमें कोई त्रुटि नहीं है। सहानुभूति की लहर पाने के लिए यह सब किया जा रहा है। उसके शव को पंचतत्व में विलीन होने से भी रोका जा रहा है। इसकी मैं भर्त्सना करता हूं।’’

भाषा ब्रजेन्द्र रवि कांत रंजन

रंजन