Ujjain Shahi Masjid Latest News: शाही मस्जिद पर मचा भारी बवाल, आक्रोशित भीड़ ने किया पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात
उज्जैन। Ujjain Shahi Masjid Latest News: मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर के द्वारकाधीश गोपाल मंदिर के सामने स्थित शाही मस्जिद पर करवाई के दौरान बवाल मच गया, जब कार्रवाई से नाराज आक्रोशित मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलिस की टीम पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले छोड़ें। वहीं पुलिस प्रशासन ने मस्जिद के 500 मीटर एरिया में बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी है। मौके पर 2000 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए है। मुस्लिम समाज के लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहें है।
उज्जैन में शांति के बाद भोर में मुस्लिम समाज के लोग घर लौट गए थे। कुछ देर पहले समाज के लोगों की भीड़ वहां फिर से जमा होने लगी। इसके बाद नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लोगों को रोकने के लिए 500 मीटर के एरिया को बैरिकेड कर दिया गया था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस जवान तैनात किए गए है।
#WATCH मध्य प्रदेश: उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट के लिए शाही मस्जिद का एक हिस्सा गिराए जाने की योजना वाली जगह पर लोगों के एक बड़े समूह और पुलिस के बीच झड़प के दौरान पत्थरबाज़ी हुई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। मौके पर रैपिड एक्शन… pic.twitter.com/S4mL6Oc7Bq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 28, 2026
मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ पूरी रात वहां डटी रही है। इस दौरान प्रशासन और समाज के पदाधिकारियों की बैठकें देर रात तक चलती रहीं। सुबह पांच बजे इसे लेकर सहमति बन गई है। साथ ही मस्जिद के 11 फीट हिस्से को आज तोड़ा जा सकता है।
Ujjain Shahi Masjid Latest News दरअसल, नगर निगम उज्जैन की ओर से शाही मस्जिद को सड़क चौड़ीकरण की जद में आने के चलते अतिक्रमण हटाने का तीसरा नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। आसपास के जिलों से पुलिस बल बुलाए जाने और बैरिकेडिंग की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत कोयला फाटक से कंठाल, सती गेट, बड़ा सराफा, छत्री चौक होते हुए द्वारकाधीश गोपाल मंदिर तक करीब 1.5 किलोमीटर सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसमें बड़ा सराफा क्षेत्र तक काम पूरा हो चुका है। छत्री चौक से गोपाल मंदिर के बीच का हिस्सा शाही मस्जिद के कारण लंबित बताया जा रहा है।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक मस्जिद के एक तरफ करीब 4 फीट और दूसरी तरफ करीब 9 फीट हिस्सा चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समाज के लोगों से चर्चा कर शांतिपूर्ण तरीके से आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट के बाद डबल बेंच में याचिका मामले में मुस्लिम समाज की ओर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया गया था। याचिका खारिज होने के बाद अब डबल बेंच में याचिका दायर किए जाने की बात समाज के पदाधिकारियों ने कही है।
समाज के अनुसार 28 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई नहीं होने या राहत नहीं मिलने की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात भी कही गई है। समाज बोला- धार्मिक स्थल को छोड़कर हो चौड़ीकरण शाही मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने कहा कि उज्जैन धार्मिक नगरी है और शहर के धार्मिक स्थलों को संरक्षित रखते हुए सड़क चौड़ीकरण किया जाना चाहिए। उनका दावा है कि शाही मस्जिद करीब 636 वर्ष पुरानी है और वर्ष 1390 में इसका निर्माण हुआ था। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी शहर में चौड़ीकरण के दौरान धार्मिक स्थलों को छोड़कर काम किया गया है।
Ujjain Shahi Masjid Latest News मुस्लिम नुमाइंदा कमिटी के सदस्य मोहम्मद जाकिर ने कहा कि समाज शासन और प्रशासन से मस्जिद को छोड़ने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग रात से मस्जिद में मौजूद हैं और मस्जिद को किसी भी कीमत पर नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर हर संभव प्रयास किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया जाएगा।
वहीं, पुरातत्व विशेषज्ञ डॉ. शुभम केवलिया ने मस्जिद के 636 से 650 वर्ष पुराने होने के दावे पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार इस दावे के समर्थन में पुरातात्विक रिकॉर्ड या ऐतिहासिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन की मस्जिदों में सबसे पुरानी मस्जिद के रूप में बिना नीम की मस्जिद का उल्लेख किया जाता है, हालांकि उसके ऐतिहासिक स्वरूप को लेकर भी बहस है। फिलहाल शाही मस्जिद को लेकर नगर निगम, प्रशासन और मुस्लिम समाज आमने-सामने हैं। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई की बात कही जा रही है, जबकि समाज ने मस्जिद को सड़क चौड़ीकरण से बाहर रखने की मांग की है। अब पूरे मामले में 28 सितंबर को प्रस्तावित न्यायिक कार्यवाही पर भी नजर रहेगी।
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