Pitru Paksha Daan: पितृ पक्ष में भूलकर भी इन चीजों का न करें दान, वरना लग सकता है पितृ दोष!

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Pitru Paksha Daan: पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन दिनों जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य मिलता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। ऐसी चीजों से जुड़ी मान्यताओं और सावधानियों के बारे में जानना जरूरी है।

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 10:48 AM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 11:18 AM IST

(Pitru Paksha Daan/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • पितृ पक्ष 2026 में 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा।
  • श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान को पितृ पक्ष में विशेष महत्व दिया जाता है।
  • बासी भोजन, फटे कपड़े और झाड़ू का दान करने से बचने की मान्यता है।

Pitru Paksha Daan: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों को समर्पित महत्वपूर्ण अवधि माना जाता है। इस दौरान लोग पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान (Pitru Paksha Daan) करते हैं। पंचांग के मुताबिक, इस साल 2026 में पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू हुआ है और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा। इन 16 दिनों में दिवंगत परिजनों का श्राद्ध उनकी तिथि के अनुसार किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा से किए गए कर्मों से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पितृ पक्ष में किन चीजों का दान न करें?

पितृ पक्ष में दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है, लेकिन मान्यताओं के मुताबिक कुछ वस्तुओं का दान (Pitru Paksha Daan) करने से बचना चाहिए। जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को हमेशा ताजा और सात्विक भोजन देना चाहिए। बासी, झूठा या खराब भोजन दान करना उचित नहीं माना जाता। इसी तरह लोहे के बर्तन, जूते-चप्पल, पुराने या फटे कपड़े और झाड़ू का दान भी नहीं करने की बात कही जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन वस्तुओं को नकारात्मक प्रभाव से जोड़ा गया है। इसलिए इन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।

पितृ पक्ष में क्या दान करना शुभ माना जाता है?

मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, काले तिल, घी, गुड़ और वस्त्र का दान (Pitru Paksha Daan) करना शुभ माना जाता है। गेहूं, चावल और अन्य अनाज का दान विशेष महत्व रखता है। काले तिल का दान भी पितृ कर्मों में महत्वपूर्ण माना गया है। जरूरतमंदों को नए और साफ कपड़े दान करने से दीर्घायु और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। इसी तरह गौशाला में हरा चारा, भूसा या गुड़ देना भी पुण्यकारी माना जाता है।

दस महादान का भी है महत्व

धार्मिक ग्रंथों और निर्णय सिंधु में पितृ पक्ष के दौरान विभिन्न दानों का उल्लेख मिलता है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, तिल, घी, वस्त्र आदि का दान किया जा सकता है। कुछ परंपराओं में चांदी, सोना, भूमि, धान्य और नमक के दान को भी शुभ माना गया है।

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पितृ पक्ष 2026 कब से कब तक है?

पितृ पक्ष 26 सितंबर 2026 से शुरू होकर 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा।

पितृ पक्ष में किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए?

मान्यताओं के अनुसार बासी भोजन, लोहे के बर्तन, जूते-चप्पल, पुराने या फटे कपड़े और झाड़ू का दान करने से बचना चाहिए।

पितृ पक्ष में क्या दान करना शुभ माना जाता है?

अन्न, काले तिल, घी, गुड़ और नए वस्त्र का दान शुभ माना जाता है।

क्या पितृ पक्ष में गाय की सेवा की जा सकती है?

हां, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौशाला में हरा चारा, भूसा या गुड़ देना पुण्यकारी माना जाता है।