नागपुर जल शोधन संयंत्र में क्लोरीन गैस रिसाव के बाद 56 लोग अस्पताल में भर्ती; 8 आईसीयू में

Ads

नागपुर जल शोधन संयंत्र में क्लोरीन गैस रिसाव के बाद 56 लोग अस्पताल में भर्ती; 8 आईसीयू में

  •  
  • Publish Date - August 24, 2026 / 09:53 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 09:53 PM IST

नागपुर, 24 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के नागपुर जिले में स्थित एक जल शोधन संयंत्र में सोमवार मध्यरात्रि के कुछ समय बाद क्लोरीन गैस के रिसाव के कारण कम से कम 56 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 11 मरीजों को उपचार के बाद दिन में छुट्टी दे दी गई, जबकि 45 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें आठ मरीज गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं।

नागपुर नगर निगम (एनएमसी) के अनुसार, यह रिसाव रात करीब एक बजे गोधनी ग्राम पंचायत क्षेत्र स्थित महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के जल शोधन संयंत्र में 900 किलोग्राम क्षमता वाले क्लोरीन गैस सिलेंडर से हुआ।

गैस रिसाव के कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई।

जिला सूचना कार्यालय (डीआईओ) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि 24 अगस्त की तड़के गोधनी जल शोधन संयंत्र में रखे दो क्लोरीन गैस सिलेंडरों में से एक में रिसाव का पता चला। संभावित खतरे को टालने के लिए नागपुर जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, औद्योगिक सुरक्षा अधिकारियों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने समन्वित प्रयास किए।

विज्ञप्ति के अनुसार, गैस रिसाव के कारण कुल 56 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 11 लोगों का उपचार किया गया और उनकी हालत स्थिर होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। फिलहाल 45 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से आठ का आईसीयू में उपचार चल रहा है।

रिसाव वाले सिलेंडर को पूरी तरह पानी में डुबो दिया गया और खतरे को नियंत्रित कर लिया गया। अस्पताल प्रशासन और राज्य स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्र में घर-घर जाकर जांच और निरीक्षण कर रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर कुमार आशीर्वाद ने सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल सतर्क किया और प्रभावित क्षेत्र में एनडीआरएफ की एक टीम भेजी।

एनडीआरएफ की टीम ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और तकनीकी उपाय किए, जिससे संभावित खतरे को सफलतापूर्वक टाल दिया गया। एनडीआरएफ, चिकित्सा दल और जिला कलेक्टर के बीच समन्वय से प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिली, जिससे उन्हें काफी राहत मिली।

घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं नागपुर के अभिभावक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी जिला कलेक्टर से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।

एनएमसी के अनुसार, गैस रिसाव के बाद आसपास के आवासीय इलाकों में दहशत फैल गई और कई लोगों को खांसी तथा सांस लेने में कठिनाई हुई।

बाद में पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र के 200 मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और इलाके को सील कर दिया।

एनएमसी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि आसपास की बस्तियों के निवासियों को वहां से दूर जाने के निर्देश दिए गए और प्रभावित लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

सूचना मिलने के बाद नगर निगम के दमकल कर्मी दो पानी के टैंकरों और श्वसन उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। नागपुर में पेयजल आपूर्ति करने वाली ऑरेंज सिटी वाटर प्राइवेट लिमिटेड (ओसीडब्ल्यू) के कर्मचारियों तथा एनडीआरएफ की टीम को भी सहायता के लिए बुलाया गया।

नगर निगम के अनुसार, सुबह करीब 5.30 बजे रिसाव बंद किए जाने के बाद एनडीआरएफ की टीम, दमकल कर्मियों और ओसीडब्ल्यू के कर्मचारियों ने क्लोरीन गैस सिलेंडर को कास्टिक सोडा मिले पानी के एक टैंक में डाल दिया।

भाषा रंजन माधव

माधव