अमरावती, चार मई (भाषा) ओमान में फंसी, आंध्र प्रदेश की एक महिला प्रवासी श्रमिक के सात मई को भारत लौटने की उम्मीद है। ऐसा राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद संभव हो पाएगा।
सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अन्नामय्या जिले के वायलापाडु गांव की रहने वाली डुडेकुला शनावाज नवंबर 2025 में नौकरी के लिए ओमान रवाना हुई थीं, लेकिन कथित तौर पर एक एजेंट ने प्रक्रिया में हुए खर्च के नाम पर दो लाख रुपये की मांग करते हुए उन्हें रोके रखा।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘आंध्र प्रदेश सरकार ओमान में फंसी अन्नामय्या जिले की महिला के साथ खड़ी है… शनावाज सात मई को अपने देश लौटेंगी।’’
अपनी नौकरी जारी रखने में असमर्थ होने के कारण शनावाज ने घर लौटने का प्रयास किया, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाईं। महिला के परिजनों ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि कथित तौर पर उनका (शनावाज का) फोन जब्त कर लिया गया था।
उनके पति अबू बकर ने ‘आंध्र प्रदेश नॉन रेजिडेंट तेलुगु सोसाइटी’ (एपीएनआरटीएस) से मदद मांगी, जिसने उन्हें ओमान में भारतीय दूतावास को पत्र लिखने में मदद की।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस घटनाक्रम के बाद अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और एजेंट के साथ बातचीत की, जिसके बाद शनावाज की भारत वापसी का रास्ता खुल सका।
इस बीच, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने शनावाज की वापसी सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए एपीएनआरटीएस की सराहना भी की।
भाषा शुभम सुरेश
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