ठाणे की एक अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को बरी किया
ठाणे की एक अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को बरी किया
ठाणे, 16 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र में ठाणे की एक अदालत ने 40 वर्षीय एक व्यक्ति को कई बार दुष्कर्म करने और आपराधिक धमकी से जुड़े आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता के बयान में कई विसंगतियों को उजागर किया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी एस देशमुख ने 12 जनवरी के अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। इस आदेश की प्रति बृहस्पतिवार को उपलब्ध करायी गयी।
शिकायतकर्ता एवं आरोपी की रिश्तेदार ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसकी आर्थिक कमजोरी और उसकी बेटी की बीमारी का फायदा उठाकर नवंबर 2014 से अप्रैल 2015 के बीच कई बार उससे दुष्कर्म किया। उसने यह भी दावा किया कि आरोपी ने उसके पति को जान से मारने की धमकी दी थी।
न्यायाधीश देशमुख ने महिला द्वारा ‘‘विरोध’’ न करने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर वह उसकी धमकियों से डरी हुई थी और उसकी यौन गतिविधियों का विरोध करना चाहती थी तो वह तुरंत शिकायत दर्ज करा सकती थी।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘पैसों को लेकर विवाद है क्योंकि शिकायतकर्ता ने अपने मुख्य बयान में स्वीकार किया है कि उसने अपनी बेटी के चिकित्सा उपचार के लिए समय-समय पर आरोपी से पैसे लिए हैं। इसलिए आरोपी द्वारा पैसों को लेकर विवाद के आधार पर दी गयी बचाव की दलील स्वीकार्य है।’’
चिकित्सा अधिकारियों और जांच अधिकारियों सहित अभियोजन पक्ष के छह गवाहों के साक्ष्यों की समीक्षा करने के बाद अदालत ने कहा कि महिला की गवाही ‘‘विश्वसनीय’’ नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी के खिलाफ सभी आरोप हटाए जाते हैं।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा

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