दस्तावेज व्हाट्सऐप पर स्वीकार करें, जरूरत हो तो घर जाकर सत्यापन करें: महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग
दस्तावेज व्हाट्सऐप पर स्वीकार करें, जरूरत हो तो घर जाकर सत्यापन करें: महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग
मुंबई, 30 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने निर्वाचन अधिकारियों से कहा है कि वे मतदाता सूचियों की मौजूदा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान व्हाट्सऐप के जरिए भेजे गए मतदाता दस्तावेजों पर भी विचार करें और जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को मतदाताओं के घर भेजें। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि लोग ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर से जारी नोटिस का जवाब देने के लिए अपने जरूरी दस्तावेज बीएलओ को व्हाट्सऐप के माध्यम से भेज सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर भेजे गए दस्तावेजों के सत्यापन के लिए वे मतदाताओं के घरों का दौरा करें।’’
अधिकारियों ने पहले बताया था कि चोक्कलिंगम ने निर्वाचन आयोग से ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का अनुरोध किया है ताकि निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) मतदाता सूचियों में विसंगतियों के संबंध में अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकें।
हालांकि, विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ईसीआईनेट प्रणाली के जरिए मतदाता की पात्रता तय करने की ईआरओ की वैधानिक शक्तियों को कमजोर किया जा रहा है।
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर कर दी गई है। नोटिस, दावों और आपत्तियों के निपटारे की अवधि 10 नवंबर तक है और अंतिम प्रकाशन की तारीख 16 नवंबर है।
निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 मौकों पर एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज कराए जाने संबंधी बात सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। उनका कहना था कि इनमें से इनमें से कुछ फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे।
विपक्षी दलों ने कुमार पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया है।
निर्वाचन आयोग ने एक बयान में स्पष्ट किया है कि तीन सदस्यीय आयोग ने सर्वसम्मति से फैसले लिए जिनमें मतदाता सूची के एसआईआर से जुड़े फैसले भी शामिल हैं।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा

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