मुंबई, 23 फरवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से जांच में केवल देरी होगी।
कर्जत-जामखेड से विधायक रोहित पवार की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे की सीबीआई जांच का आदेश देने का अनुरोध किया है। हादसे में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत में रोहित पवार ने कहा कि सीबीआई जांच की मांग वाली एक रिपोर्ट पहले ही संबंधित केंद्रीय मंत्रालय, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और मुख्यमंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी के पास लगभग 7,000 लंबित मामले हैं, जिनमें से लगभग 2,500 मामले एक दशक से अधिक समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा, ‘हम महाराष्ट्र में जांच के नाम पर समय की इस बर्बादी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सीआईडी जांच कर सकती है।’
रोहित पवार ने दावा किया कि दुर्घटना से संबंधित केवल 30 प्रतिशत जानकारी ही अब तक सार्वजनिक की गई है और 70 प्रतिशत सामग्री अब भी उनके पास है।
राकांपा (शप) नेता ने उन खबरों पर भी सवाल उठाए जिनमें कहा गया था कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट 45 विमान का ‘ब्लैक बॉक्स’ जल गया। उन्होंने कहा कि ‘ब्लैक बॉक्स’ की तस्वीरें उन तक पहुंच चुकी हैं।
रोहित पवार ने आगाह करते हुए कहा, ‘अगर कोई अनियमितता सामने आती है, तो इस सरकार को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’
उन्होंने इस मांग को भी दोहराया कि जांच पूरी होने तक नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू को अपने पद पर नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अजित पवार के बिना यह पहला विधानसभा सत्र है, और याद दिलाया कि उनके दिवंगत चाचा आमतौर पर सदन में सबसे पहले आते थे और सबसे आखिर में जाते थे।
राकांपा (शप) विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि अजित पवार की मौत के मामले में जांच में देरी से संदेह पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा, “ब्लैक बॉक्स के जलने का दावा बड़ा संदेह पैदा करता है। ऐसा दुनिया में कहीं भी नहीं हुआ है। अगर जांच ही संदेह को हवा दे रही है, तो लोग किस पर विश्वास करेंगे?”
उन्होंने आरोप लगाया कि विमान को भारत में उड़ान भरने की अनुमति नहीं थी और 5,000 घंटे की सीमा के बावजूद उसने 8,000 घंटे उड़ान भरी थी।
भाषा आशीष प्रशांत
प्रशांत